रायपुर 3 मार्च 2026/ ETrendingIndia / LNG सप्लाई संकट से बाजार में हलचल
यूरोपीय गैस कीमतें उछाल पर पहुंच गई हैं। मंगलवार सुबह बेंचमार्क डच और ब्रिटिश गैस कीमतों में 40% से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसकी मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। विशेष रूप से ईरान और इज़राइल के बीच हमलों में तेजी आई है।
इसके अलावा कतर ने अपने रास लाफान LNG प्लांट में उत्पादन रोक दिया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी निर्यात सुविधा मानी जाती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर
मध्य पूर्व संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इसी मार्ग से दुनिया की लगभग 20% LNG आपूर्ति गुजरती है।
इस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है। परिणामस्वरूप यूरोप में गैस दरें जनवरी 2023 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं।
यूरोप और एशिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
यूरोप पहले ही रूस से गैस आयात कम कर चुका है। इसलिए LNG आयात पर उसकी निर्भरता बढ़ी है।
हालांकि एशियाई बाजार, खासकर जापान-कोरिया मार्केट (JKM), में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। एशियाई खरीदार स्पॉट कार्गो के लिए यूरोप से अधिक बोली लगा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि विकल्प सीमित हैं। अमेरिका निर्यात बढ़ा सकता है, लेकिन निकट भविष्य में कतर की आपूर्ति की भरपाई मुश्किल है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
विश्लेषकों के अनुसार, भू-राजनीतिक जोखिम के कारण फिलहाल यूरोपीय गैस कीमतें उछाल पर रह सकती हैं। हालांकि दूसरी तिमाही में कुछ राहत संभव है।
