रायपुर 20 अप्रैल 2026 / ETrendingIndia / वेस्ट एशिया निकासी भारत का बड़ा अभियान
20 अप्रैल 2026। वेस्ट एशिया निकासी भारत के तहत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 11 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित भारत लाया गया है।
यह अभियान क्षेत्र में जारी तनाव के बीच चलाया गया। इसलिए सरकार ने लगातार फ्लाइट और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग किया।
फ्लाइट और वैकल्पिक मार्गों से राहत
वेस्ट एशिया निकासी भारत के दौरान कई देशों से उड़ानें जारी रहीं। यूएई, सऊदी अरब, ओमान और कतर से नियमित फ्लाइट्स संचालित हो रही हैं।
इसके अलावा, कुछ जगहों पर सीमित उड़ानें ही उपलब्ध हैं। इसलिए वैकल्पिक मार्गों का भी सहारा लिया गया।
उदाहरण के लिए, ईरान से भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के जरिए निकाला गया।
ईरान और अन्य देशों से निकाले गए नागरिक
वेस्ट एशिया निकासी भारत के तहत अब तक 2,423 भारतीयों को ईरान से बाहर निकाला गया है। इनमें छात्र और मछुआरे भी शामिल हैं।
हालांकि, ईरान का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है। इसलिए चार्टर्ड और कार्गो फ्लाइट्स का उपयोग किया जा रहा है।
इसी तरह, इराक और इजरायल में भी सीमित संचालन जारी है।
सरकार की निगरानी और सुरक्षा उपाय
सरकार वेस्ट एशिया निकासी भारत अभियान पर लगातार नजर रख रही है। इसके लिए 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है।
साथ ही भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय किया जा रहा है। जिससे जरूरतमंद लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
रणनीतिक और आर्थिक हित भी अहम
वेस्ट एशिया निकासी भारत के साथ-साथ सरकार क्षेत्र के हालात पर भी नजर बनाए हुए है। क्योंकि इस क्षेत्र में भारत के बड़े आर्थिक और ऊर्जा हित जुड़े हैं।
इसके अलावा, बड़ी भारतीय आबादी भी यहां रहती है। इसलिए सरकार लगातार संपर्क में बनी हुई है।
निष्कर्षतः, यह अभियान न केवल राहत का काम कर रहा है, बल्कि भारत की वैश्विक भूमिका को भी मजबूत कर रहा है।
