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रायपुर 5 मार्च 2026/ ETrendingIndia / Lakshadweep: World’s first Ocean Thermal Energy Conversion (OTEC) project / लक्षद्वीप ओटीईसी परियोजना , केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लक्षद्वीप के कवरत्ती द्वीप का दौरा कर महासागर तापीय ऊर्जा रूपांतरण (ओटीईसी) परियोजना की प्रगति का निरीक्षण किया। यह परियोजना दुनिया में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य समुद्री ऊर्जा के माध्यम से स्वच्छ बिजली और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराना है।

स्वच्छ ऊर्जा और पानी का संयुक्त समाधान

ओटीईसी परियोजना समुद्र के गर्म सतही जल और गहरे ठंडे जल के तापमान के अंतर का उपयोग करके ऊर्जा उत्पन्न करती है। इसी ऊर्जा से समुद्री जल का अलवणीकरण कर उसे पीने योग्य बनाया जाएगा। इससे द्वीपवासियों को स्थायी और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

द्वीपीय क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक समाधान

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि द्वीपीय क्षेत्रों में बिजली और पानी की कमी एक बड़ी चुनौती है। समुद्री आधारित नवीकरणीय ऊर्जा को जल शोधन तकनीक से जोड़ने से इन क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक और आत्मनिर्भर समाधान मिल सकता है।

तकनीकी प्रगति का निरीक्षण

दौरे के दौरान मंत्री ने समुद्री जल ग्रहण प्रणाली, गहरे समुद्र की पाइपलाइन, टरबाइन-जनरेटर इकाई और अलवणीकरण मॉड्यूल सहित परियोजना के प्रमुख हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से बातचीत कर परियोजना की प्रगति और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों की जानकारी भी ली।

पर्यावरण के अनुकूल और किफायती व्यवस्था

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली मौसम पर निर्भर नहीं रहती और लगातार ऊर्जा प्रदान कर सकती है। इससे डीजल आधारित संयंत्रों पर निर्भरता घटेगी, ईंधन परिवहन लागत कम होगी और प्रदूषण भी घटेगा।

ब्लू इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा

यह परियोजना केंद्र सरकार की ब्लू इकोनॉमी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुद्र आधारित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर ऊर्जा सुरक्षा, जल उपलब्धता और जलवायु अनुकूल विकास को मजबूत करना है।