रायपुर 14 मार्च 2026/ ETrendingIndia / First National Conference on Cold Water Fisheries in Srinagar / शीतजल मत्स्यपालन राष्ट्रीय सम्मेलन , भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्यपालन विभाग द्वारा 14 मार्च को श्रीनगर में शीतजल मत्स्यपालन पर देश का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में होगा। सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता, विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत में शीतजल मत्स्यपालन की संभावनाओं को बढ़ावा देना, नीति निर्माण को मजबूत करना और पहाड़ी क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।
“शीतजल मत्स्यपालन विकास के आदर्श दिशानिर्देश”
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह इस अवसर पर “शीतजल मत्स्यपालन विकास के लिए आदर्श दिशानिर्देश” जारी करेंगे। साथ ही मछुआरों, सहकारी समितियों और किसान क्रेडिट कार्ड लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा तथा उत्कृष्ट मत्स्य संगठनों और स्टार्टअप्स को सम्मानित किया जाएगा।
शीतजल मत्स्यपालन की संभावनाएँ
भारत में शीतजल मत्स्यपालन मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर राज्यों और कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में किया जाता है।
यहां 278 से अधिक शीतजल मछली प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जो रोजगार, पोषण सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सरकारी निवेश और योजनाएँ
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत शीतजल मत्स्यपालन के विकास के लिए लगभग 2,299.56 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें ट्राउट पालन इकाइयाँ, कोल्ड स्टोरेज, परिवहन वाहन और अन्य सुविधाओं का विकास शामिल है।
शीतजल मछलियों के उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य
सरकार की राष्ट्रीय परिकल्पना 2030 के तहत ट्राउट और महसीर जैसी शीतजल मछलियों के उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सम्मेलन इस दिशा में नीति, तकनीक और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
