रायपुर 15 मार्च 2026/ ETrendingIndia / Even after the forest department’s explanation and awareness campaign, the forest fires are being set for Mahua./ महुआ के लिए जंगल आग , महुआ संग्रहण के उद्देश्य से ग्रामीणों द्वारा जंगलों में आग लगाने की घटनाएं निरंतर बढ़ रही हैं।
छत्तीसगढ़ वन विभाग की बार-बार समझाइश और जागरूकता अभियानों के बावजूद प्रदेश के लगभग सभी वनांचल तथा महुआ के पेड़ वाले जिलों और उसके आस-पास के गांवों में आग लगाई जा रही है.

इससे वन अमला चिंतित है। गत शुक्रवार केशकाल घाटी से दादरगढ़ तक जंगल में आग देखी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर फायर ब्लोवर की सहायता से आग पर काबू पाया।
दरअसल यह मौसम महुआ के संग्रहण का मौसम है, जिसमें महुआ को सरलता और तेजी से बीनने के लिए महुआ पेड़ों के नीचे सफाई की जाती है और कभी -कभी इस इकट्ठा हो चुके बड़ी संख्या में पत्तों को हटाने के लिए आग लगाई जाती है, अगर इस आग को निर्धारित स्थान पर ही नहीं रुका गया तो यह धीरे-धीरे फैलकर बड़े क्षेत्र को प्रभावित करती है और दूर -दूर तक फैल जाती है. ऐसी आँखों काबू में करना और नियंत्रण करना कठिन कार्य हो जाता है और कभी कभी यह व्यापक पर्यावरण एवं पशु -जन हानि भी लेकर आती है.
