रायपुर, 19 मार्च 2026/ ETrendingIndia / Focus on making India a global hub in drone manufacturing / भारत ड्रोन निर्माण केंद्र , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन 2026 में कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को आने वाले वर्षों में ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रणनीतिक स्वायत्तता, मजबूत रक्षा तैयारियों और आत्मनिर्भरता के लिए स्वदेशी ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र का विकास बेहद जरूरी है।
ड्रोन तकनीक की बढ़ती अहमियत
रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन और ईरान-इज़राइल जैसे संघर्षों ने साबित कर दिया है कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक निर्णायक होंगी। इसलिए ड्रोन के हर हिस्से—सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरी—का देश में निर्माण जरूरी है।
स्टार्टअप और एमएसएमई की बड़ी भूमिका
उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में नवाचार के लिए स्टार्टअप और एमएसएमई अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब तक 676 स्टार्टअप/एमएसएमई जुड़ चुके हैं, 58 प्रोटोटाइप को खरीद मंजूरी मिली है और 45 अनुबंध किए जा चुके हैं।
नई चुनौतियां और पहलें शुरू
सम्मेलन में डीआईएससी-14 और अदिति चैलेंज 4.0 के तहत 200 से अधिक समस्या विवरण जारी किए गए। साथ ही 101 नई नवाचार चुनौतियां भी शुरू की गईं, जिनसे स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और तकनीकी सहयोग मिलेगा।
नई तकनीकों को अपनाने पर जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्वचालन जैसी तकनीकों को अपनाना जरूरी है। इससे उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगी।
एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा
सरकार एमएसएमई को मजबूत बनाने के लिए नई नीतियां और डिजिटल प्लेटफॉर्म चला रही है। देश में एमएसएमई की संख्या बढ़कर लगभग 8 करोड़ हो गई है, जो आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
