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रायपुर 5 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / (eTI के संपादक डॉ के के साहू ने इस संबंध में एक लेख को साझा किया) / National Maritime Day: Union Minister Shri Tokhan Sahu congratulates now: Calls to take a pledge to build a prosperous, strong and self-reliant maritime India / राष्ट्रीय समुद्री दिवस 2026 , केंद्रीय आवासन एवं शहरी राज्यमंत्री तथा बिलासपुर के सांसद श्री तोखन साहू ने राष्ट्रीय समुद्र दिवस पर देश के नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं.

इस विशेष अवसर पर Policy to Practice: Powering Maritime Excellence’ लेख जन जागरूकता की दृष्टि से जारी किया है .

‘जल ही जीवन है’ यह शास्वत सत्य है l कालचक्र के वर्तमान समय में जल संसाधन के संरक्षण, संवर्धन एवं सदुपयोग के प्रति और अधिक तत्परता से कार्य करने की नितांत आवश्यकता है l विशेष रूप से समुद्रीय जल की ‘सर्वजन हिताय उपयोग एवं उपलब्धता ‘ सुनिश्चित करने की दिशा में स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर एक समान अधिकार सुनिश्चित करने हेतु मंथन की जरूरत है l

ईरान सहित समस्त खाड़ी क्षेत्र में चल रही युद्ध की परिदृश्य में मानवता की मूल्यों की सुरक्षा एवं समुद्री जल की स्वच्छता को अक्षुण बनाए रखना एक गंभीर चुनौती है l

नीति से अभ्यास तक : समुद्री उत्कृष्टता को बढ़ावा” को IMO के विश्व समुद्री दिवस के लिए 2026 – 2027 का विषय चुना गया है, जिसका समापन सितंबर के आखिरी गुरुवार को होने वाले वार्षिक समारोह के साथ होगा।

पहली बार, यह विषय दो वर्षों तक चलेगा, जो तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सेवाएँ प्रदान करके नीतियों को व्यवहार में लाने के प्रति IMO की स्पष्ट प्रतिबद्धता को उजागर करता है l

समुद्री जल की सुरक्षा का अर्थ इसके पारिस्थितिक तंत्र (प्रवाल भित्तियों, समुद्री जीवों) को प्रदूषण, प्लास्टिक और अम्लीकरण (Acidification) से बचाना है।

संरक्षण के लिए 2030 तक 30% महासागरों को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने का लक्ष्य है। सुरक्षा में अवैध गतिविधियों पर रोक, टिकाऊ मत्स्य पालन, और जलवायु परिवर्तन को कम करना शामिल है।

समुद्री जल सुरक्षा के प्रमुख उपाय और पहलू:

पर्यावरण संरक्षण:

समुद्री पारिस्थितिक तंत्र (मूंगा चट्टानें, मैंग्रोव) को बचाने के लिए प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना और अवैध शिकार पर रोक लगाना सबसे ज़रूरी है।

अम्लीकरण से बचाव:

बढ़ते तापमान और उत्सर्जन से समुद्र का pH 8.1 हो गया है, जो समुद्री जीवों के लिए हानिकारक है। इसके लिए कार्बन उत्सर्जन कम करना आवश्यक है।

पेयजल के लिए खारापन मुक्ति (Desalination):

भारत सरकार की सागरमाला परियोजना के तहत, तटीय शहरों में खारे पानी को शुद्ध करके पीने लायक (Desalination plants) बनाया जा रहा है, जो दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

तटीय सुरक्षा:

समुद्र के बढ़ते स्तर (Sea level rise) से निपटने के लिए तटबंधों (Sea walls) और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है।

व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर सुरक्षा:

प्लास्टिक मुक्त तटीय क्षेत्र: समुद्र तटों पर प्लास्टिक का उपयोग न करें और सफाई अभियानों में भाग लें।

जागरूकता:

समुद्री जीवों के प्रति संवेदनशील रहें और उनके प्राकृतिक आवास को नुकसान न पहुंचाएं।

स्थायी पर्यटन:

समुद्र में गोताखोरी या अन्य गतिविधियों के दौरान, कोरल और समुद्री जीवों को न छुएं।

इस तरह समुद्री जल की सुरक्षा न केवल समुद्री जीवन के लिए, बल्कि मानव जीवन की स्थिरता (भोजन, पानी) के लिए भी आवश्यक है।

नियमों को ठोस परिणामों में बदलना

विषय में “नीति से अभ्यास तक” वाक्यांश IMO के मुख्य मिशन को रेखांकित करता है – यह सुनिश्चित करना कि उसके द्वारा विकसित वैश्विक नियामक ढाँचा न केवल सैद्धांतिक रूप से अपनाया जाए, बल्कि समुद्री क्षेत्र में ठोस राष्ट्रीय कानून, प्रवर्तन और दैनिक कार्यों में भी तब्दील हो।

“बढ़ावा देना” (Powering) उस गति और लक्षित समर्थन का संकेत देता है जो IMO, अपने भागीदारों के साथ मिलकर, क्षमता-निर्माण, तकनीकी सहयोग और ज्ञान साझा करने के माध्यम से इस बदलाव को लाने के लिए प्रदान करता है।

“समुद्री उत्कृष्टता” अंतिम उद्देश्य को व्यक्त करता है: एक लगातार सुरक्षित, संरक्षित, कुशल और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ शिपिंग उद्योग, जो उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों पर संचालित होता है और निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहता है।

कुल मिलाकर, यह विषय एक समग्र, कार्य-उन्मुख प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है: सामूहिक नियामक निर्णयों को वास्तविक दुनिया के परिणामों में बदलना, जो सभी के लिए ठोस लाभ प्रदान करते हैं।

अभियान का समर्थन करें
IMO सचिवालय इस विषय को बढ़ावा देने के लिए एक दो-वर्षीय कार्य योजना शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसमें विभिन्न कार्यक्रम और जागरूकता गतिविधियाँ, ज्ञान-संबंधी सामग्री, साझेदारी कार्यक्रम और सोशल मीडिया पर सक्रियता शामिल होगी।

आज इस विशिष्ट दिवस पर हम सभी संकल्पित हों कि तन मन धन से इस विषम परिस्थितियों के समाधान हेतु अपना योगदान दें l
लहरों की गहराई से लेकर वैश्विक क्षितिज तक, भारत का समुद्री क्षेत्र विकास, व्यापार और संपर्क का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा, “राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर भारत के समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी कर्मियों को शुभकामनाएँ। आपकी पेशेवर क्षमता और साहस ने देश की प्रगति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, चाहे वह शांति का समय हो या चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ। राष्ट्र आपकी प्रतिबद्धता को सलाम करता है।”

हमारे देश के सभी नागरिकों की प्रतिबद्धता ही भारत को वैश्विक समुद्री मंच पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रही है।

आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर समुद्री भारत के निर्माण का संकल्प लें l