National 'Advanced Agriculture Fair
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रायपुर 5 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / National ‘Advanced Agriculture Fair’ at Raisen from April 11 to 13: Training with modern farming practices and techniques / रायसेन कृषि मेला 2026 , जिला मुख्यालय रायसेन स्थित दशहरा मैदान में केन्द्र और प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से 11 से 13 अप्रैल 2026 तक राष्ट्रीय स्तर के तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव (प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण) का आयोजन किया जा रहा है।

प्रदर्शनी का शुभारंभ 10 अप्रैल को शाम 05 बजे होगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को रायसेन स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण और समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री यशवंत मीणा, विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, पूर्व कैबीनेट मंत्री श्री रामपाल सिंह, केन्द्रीय कृषि विभाग के निदेशक (किसान कल्याण एवं विस्तार) श्री अविनाश लावनिया, कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा, एसपी श्री आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ श्री कमल सोलंकी, श्री राकेश शर्मा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस तीन दिवसीय उन्नत कृषि मेले का शुभारंभ 11 अप्रैल को केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किया जाएगा।

केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों, नई कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है।

इसके सफल और प्रभावी आयोजन हेतु जरूरी है कि इसमें अधिक से अधिक किसानों की सहभागिता हो, इसके लिए इस आयोजन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

इस आयोजन में लगभग 50 हजार से अधिक किसान, 300 से अधिक प्रदर्शक, 100 से ज्यादा गतिविधियां और 50 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि गेहूॅ-धान का उत्पादन अधिक हो रहा है! दलहन-तिलहन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। फल, सब्जियां, औद्याधियों फसल की खेती को अपनाना होगा। उत्पादन अच्छा होगा तो किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी लाभ होगा।

आधुनिक तकनीक और नवाचार पर रहेगा फोकस

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस कृषि मेले में किसानों को ड्रोन तकनीक, डिजिटल एग्रीकल्चर, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, फसल विविधीकरण, पराली प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य और बागवानी जैसी आधुनिक पद्धतियों की जानकारी, कम पानी में अधिक उत्पादन, एआई से समस्याओं का समाधान आदि के बारे में बताया जाएगा।

साथ ही कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे किसान नई तकनीकों को करीब से देख और समझ सकेंगे।

तीन दिनों तक होंगे सेमिनार और प्रशिक्षण

तीन दिवसीय कृषि मेले के दौरान कार्यक्रम स्थल पर अलग-अलग हॉल में विशेषज्ञों द्वारा सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

इसमें पहले दिन 11 अप्रैल को फसल कटाई के बाद प्रबंधन, डिजिटल कृषि, मधुमक्खी पालन, प्राकृतिक खेती और पराली प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

दूसरे दिवस 12 अप्रैल को मृदा स्वास्थ्य, एकीकृत कृषि प्रणाली, बागवानी, फसल बीमा और कीटनाशक प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरे दिन जिले का कृषि का रोड मैप भी जारी होगा।

कृषि मेले के तीसरे दिवस 13 अप्रैल को बीज उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

किसानों के लिए सीखने का बड़ा अवसर

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस कृषि मेले में देश-प्रदेश के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और अधिकारी किसानों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान बताएंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं और नई तकनीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा। यह आयोजन किसानों के लिए खेती में नई संभावनाएं तलाशने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा.