रायपुर 16 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / PM’s address in Lok Sabha: Emphasis on empowering Nari Shakti / नारी शक्ति सशक्तिकरण मोदी संबोधन , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन में महिलाओं की भागीदारी को भारत के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना “विकसित भारत” की कुंजी है।
नारी शक्ति का अधिकार, उपहार नहीं
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं को अधिकार देना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका हक है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाए।
ऐतिहासिक अवसर और जिम्मेदारी
उन्होंने इसे भारत के संसदीय लोकतंत्र का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह कदम 25–30 साल पहले ही उठ जाना चाहिए था। अब सभी सांसदों की जिम्मेदारी है कि वे इस अवसर को हाथ से न जाने दें।
जमीनी स्तर पर बढ़ता महिला नेतृत्व
प्रधानमंत्री ने बताया कि पंचायत और स्थानीय निकायों में लाखों महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। उनके अनुभव से शासन अधिक संवेदनशील और प्रभावी बना है। अब यही महिलाएं संसद और विधानसभाओं में भी भागीदारी चाहती हैं।
33% आरक्षण से बढ़ेगी क्षमता
उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व मिलने से देश की नीति निर्माण क्षमता कई गुना बढ़ेगी। महिला नेता समाज के हर वर्ग की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझती हैं।
देरी पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि इस विधेयक में और देरी से जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने 2029 तक इसे लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सर्वसम्मति से निर्णय की अपील
अंत में उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे एकजुट होकर इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करें, ताकि भारत के लोकतंत्र को नई दिशा और मजबूती मिल सके।
