Share This Article रायपुर, 24 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / April 25 – World Malaria Day: Awareness and efforts are reducing cases, target complete elimination / विश्व मलेरिया दिवस छत्तीसगढ़ , मलेरिया एक खतरनाक बीमारी है, जिसकी शुरुआत सामान्य बुखार, ठंड और कमजोरी जैसे लक्षणों से होती है। यह संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है। हर साल 25 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व मलेरिया दिवस पर इस बीमारी से बचाव और जागरूकता पर जोर दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में पहले मलेरिया बड़ी समस्या थी, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2015 में जहां 1.44 लाख से अधिक मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में यह घटकर करीब 28 हजार रह गए हैं। यह कमी समय पर जांच, मुफ्त इलाज और जागरूकता अभियानों का परिणाम है। राज्य में मलेरिया नियंत्रण के लिए हर संदिग्ध मरीज की जांच, पॉजिटिव मिलने पर निःशुल्क उपचार और लगातार निगरानी की व्यवस्था की गई है। “मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़” और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर” जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य टीम घर-घर जाकर जांच और दवा दे रही है। मच्छरदानी उपयोग, साफ-सफाई और पानी जमा न होने देने जैसे उपायों के प्रति जागरूकता दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और मितानिनों की मदद से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही लोगों को मच्छरदानी उपयोग, साफ-सफाई और पानी जमा न होने देने जैसे उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। लक्ष्य 2030 तक छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त करना सरकार का लक्ष्य 2030 तक छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त बनाना है। इस दिशा में आम लोगों की भागीदारी को भी जरूरी बताया गया है। Share This Article Post navigation इसरो की सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे से हुआ बड़ा खुलासा : छत्तीसगढ़ के टाइगर रिज़र्व के कोर क्षेत्र में 15 साल में 1 लाख पेड़ों की अवैध कटाई CBSE मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में केवल NCERT की किताबें ही मान्य : निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करने पर होगी सख्त कार्रवाई