Energy Security
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रायपुर 26 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Small Hydro Power Development Scheme: Energy Security to be boosted / लघु पनबिजली योजना 2026 , केंद्र सरकार ने ‘लघु पनबिजली विकास योजना’ को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश में स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस योजना पर 2,584.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे 2026-27 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा। योजना के तहत 1,500 मेगावाट नई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

वर्तमान स्थिति और संभावनाएं

भारत में लघु पनबिजली की कुल क्षमता लगभग 21,133 मेगावाट आंकी गई है, जिसमें से अब तक करीब 5,171 मेगावाट का ही उपयोग हो पाया है। यानी इस क्षेत्र में अभी भी बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं, खासकर पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में।

रोजगार और निवेश के अवसर

इस योजना से करीब 51 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। साथ ही, लगभग 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है, जिससे स्थानीय उद्योग और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

वित्तीय सहायता और विशेष फोकस

पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए अधिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इन क्षेत्रों में परियोजनाओं को लागत का 30% तक अनुदान मिलेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में 20% तक सहायता प्रदान की जाएगी।

ऊर्जा और पर्यावरण लाभ

लघु पनबिजली परियोजनाएं स्वच्छ, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल होती हैं। ये बिना प्रदूषण के लगातार बिजली देती हैं और दूरदराज क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने में मदद करती हैं।

यह योजना न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगी।