रायपुर 1 मई 2026/ ETrendingIndia / जेट फ्यूल संकट से एशिया और यूरोप में बढ़ सकती हैं एयर टिकट कीमतें
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस संगठन International Air Transport Association के महानिदेशक Willie Walsh ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में एशिया और यूरोप के कई हिस्सों में जेट फ्यूल संकट देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें अब हवाई टिकटों की लागत पर भी असर डाल रही हैं। इसके कारण यात्रियों को आने वाले समय में महंगे एयर टिकटों का सामना करना पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया संघर्ष से बढ़ी चिंता
Willie Walsh के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण जेट फ्यूल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा खाड़ी देशों पर निर्भर क्षेत्रों, खासकर एशिया और यूरोप, में ईंधन की कमी की संभावना बढ़ गई है। इसी कारण वैश्विक विमानन उद्योग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
एयरलाइंस की लागत पर बढ़ रहा दबाव
जेट फ्यूल एयरलाइंस के संचालन खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उदाहरण के लिए कई एयरलाइंस पहले ही अतिरिक्त लागत को टिकट कीमतों में शामिल करना शुरू कर चुकी हैं। परिणामस्वरूप यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
आपूर्ति बाधित होने का खतरा
IATA प्रमुख ने कहा कि अगले कुछ महीनों में जेट फ्यूल की उपलब्धता सबसे बड़ी चिंता बन सकती है। यदि आपूर्ति बाधित होती है, तो कई देशों में उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा विमानन कंपनियों को वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था और ईंधन प्रबंधन रणनीति पर भी काम करना पड़ सकता है।
वैश्विक विमानन उद्योग पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचता है, तो इसका असर वैश्विक विमानन उद्योग पर व्यापक रूप से दिखाई देगा।
