raipur quack treatment death
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रायपुर, 02 मई 2026/ ETrendingIndia / अंधविश्वास ने ली महिला की जान

रायपुर में झोलाछाप इलाज मौत मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अंधविश्वास और फर्जी उपचार के कारण हुई महिला की मौत के मामले में आरोपी ईश्वरी साहू को उम्रकैद की सजा दी गई है।

अदालत ने साफ कहा कि अंधविश्वास के नाम पर किसी की जान लेना गंभीर अपराध है। इस फैसले को समाज में फैल रहे झाड़-फूंक और फर्जी इलाज के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।

चमत्कारी इलाज के नाम पर किया फर्जी उपचार

जानकारी के अनुसार, योगिता सोनवानी नामक महिला को इलाज के लिए आरोपी के पास ले जाया गया था। आरोपी खुद को चमत्कारी शक्तियों वाली बताकर लोगों का इलाज करने का दावा करती थी।

बताया गया कि आरोपी ने तेल और गर्म पानी से उपचार किया। लेकिन, इससे महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई। अंततः इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से झाड़-फूंक और अंधविश्वास के जरिए लोगों को गुमराह कर रही थी। झोलाछाप इलाज मौत मामले में कई लोगों से पूछताछ भी की गई।

इसके अलावा, आरोपी पर धर्म के दुरुपयोग और टोनही प्रताड़ना से जुड़े आरोप भी साबित हुए। अदालत ने इन मामलों में भी अलग-अलग सजा सुनाई है।

समाज के लिए बड़ा संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अंधविश्वास फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई का संदेश जाएगा। साथ ही, लोगों को वैज्ञानिक और प्रमाणित चिकित्सा पद्धति अपनाने के लिए जागरूकता भी बढ़ेगी।