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रायपुर, 02 मई 2026/ ETrendingIndia / रायपुर की ऐतिहासिक धरोहर फिर भारत लौटी

अमेरिका ने भारत को 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाई हैं। इनमें रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई अवलोकितेश्वर कांस्य प्रतिमा भी शामिल है। इस प्रतिमा की कीमत करीब 20 लाख डॉलर यानी लगभग 19 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

1982 में हुई थी तस्करी

यह अवलोकितेश्वर कांस्य प्रतिमा मूल रूप से महासमुंद जिले के सिरपुर क्षेत्र से मिली थी। पहले यह प्रतिमा रायपुर संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई थी। हालांकि, वर्ष 1982 तक इसे चोरी कर अमेरिका तस्करी कर दिया गया। फिर 2014 में न्यूयॉर्क के एक निजी संग्रह में इसका पता चला। इसके बाद मैनहट्टन जिला अटॉर्नी की एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट ने 2025 में इसे जब्त किया।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में कुख्यात कला तस्कर सुभाष कपूर और उसके नेटवर्क का नाम सामने आया है। अमेरिका की एजेंसियों ने कई वर्षों की जांच के बाद इन कलाकृतियों को बरामद किया। साथ ही भारतीय अधिकारियों और अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग से इन्हें भारत वापस भेजा गया। इस कार्रवाई को सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

भारत की सांस्कृतिक विरासत को मिली नई पहचान

भारत लौटाई गई वस्तुओं में भगवान बुद्ध और नृत्य करते गणेश की दुर्लभ प्रतिमाएं भी शामिल हैं। कुल मिलाकर, यह वापसी भारत की प्राचीन धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हुई है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भी ऐसे तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।


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