रायपुर,16 मई 2026 / ETrendingIndia / खरपतवार नियंत्रण रणनीति पर वैज्ञानिकों का मंथन
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना की 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक का समापन हो गया। तीन दिनों तक चली इस बैठक में देशभर के कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने फसलों को खरपतवार से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की।
आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान पर विशेष चर्चा
बैठक के अंतिम दिन उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान आधुनिक खरपतवार नियंत्रण तकनीकों, कृषि उपयोगी उत्पादों और अनुसंधान आधारित समाधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा वैज्ञानिकों ने किसानों तक उन्नत तकनीक पहुंचाने और प्रभावी खरपतवार नियंत्रण उपायों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि नई तकनीकें खेती की लागत कम करने में मदद कर सकती हैं।
पर्यावरण अनुकूल खेती पर जोर
खरपतवार नियंत्रण रणनीति को लेकर वैज्ञानिकों ने रासायनिक खरपतवारनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी, जल और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
इस कारण वैज्ञानिकों ने वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई। साथ ही हानिकारक हर्बिसाइड के सीमित उपयोग पर भी जोर दिया गया।
देशभर के वैज्ञानिक हुए शामिल
यह बैठक 12 से 14 मई 2026 तक आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. ए.के. नायक की उपस्थिति में हुआ। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की।
बैठक में देश के 17 प्रमुख कृषि केंद्रों और 7 स्वयंसेवी केंद्रों से जुड़े लगभग 100 वैज्ञानिक शामिल हुए। साथ ही ICAR संस्थानों और हर्बिसाइड उद्योग के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।
आगामी कार्ययोजना को दिया अंतिम रूप
समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 के अनुसंधान कार्यों की समीक्षा की गई। फिर आगामी दो वर्षों की तकनीकी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
