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रायपुर 16 मई 2026/ ETrendingIndia / E-vehicle subsidy stuck in Chhattisgarh, more than 50,000 applicants awaited / छत्तीसगढ़ ई-वाहन सब्सिडी , पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, प्रदूषण नियंत्रण और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने हेतु ई-वाहन नीति लागू की थी। लेकिन अब प्रदेश में ई-वाहन खरीदारों की सब्सिडी राशि अटकने का मामला सामने आया है।

प्रदेश के आरटीओ कार्यालयों में 50 हजार से अधिक आवेदनों की फाइलें लंबित हैं और करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी अटकी हुई है।

चार वर्षों में बढ़ी ई-वाहनों की बिक्री

प्रदेश में पिछले चार वर्षों के दौरान लगभग 1.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं। इनमें ई-स्कूटर, ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक कार और मालवाहक वाहन शामिल हैं।

सरकार की ई-वाहन नीति 2022 का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और वर्ष 2027 तक पंजीकृत वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाना था।

क्या है ई-वाहन सब्सिडी योजना?

छत्तीसगढ़ सरकार की नीति के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर खरीदारों को वाहन की कीमत पर सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया था। शुरुआत में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक सब्सिडी मिलती थी, जिसे बाद में घटाकर 1 लाख रुपये तक किया गया।

कारों पर कितनी सब्सिडी?

इलेक्ट्रिक कारों पर वाहन कीमत का लगभग 10 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता था। अधिकतम सब्सिडी सीमा पहले 1.5 लाख रुपये थी, जिसे बाद में घटाकर 1 लाख रुपये किया गया।

20 लाख की इलेक्ट्रिक वाहनों को ही सब्सिडी

20 लाख रुपये तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को ही सब्सिडी पात्रता में रखा गया. लग्जरी ई-कारों को योजना से बाहर कर दिया गया।

मोटरसाइकिल और स्कूटर पर लाभ

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर भी प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया।ई-स्कूटर और ई-बाइक खरीदने वालों को बैटरी क्षमता के आधार पर हजारों रुपये तक की सब्सिडी दी जाती रही.कई मॉडलों पर राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त सहायता से वाहन कीमत कम हुई।

टैक्स और रजिस्ट्रेशन में राहत

ई-वाहनों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी गई थी। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हुआ।

आरटीओ दफ्तरों में लंबित आवेदन

बताया जा रहा है कि बजट की कमी और प्रशासनिक प्रक्रिया धीमी होने के कारण हजारों हितग्राहियों को अब तक सब्सिडी राशि नहीं मिल पाई है। कई लोग एक वर्ष से अधिक समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। ई-रिक्शा और ई-स्कूटर खरीदने वाले छोटे व्यवसायी सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।

सरकारी वाहनों को भी इलेक्ट्रिक बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में सरकारी विभागों में चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात कही है। सरकार का लक्ष्य ईंधन खर्च कम करना और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है।

उपभोक्ताओं की मांग

ई-वाहन खरीदारों ने सरकार से लंबित सब्सिडी राशि जल्द जारी करने और प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाने की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सब्सिडी मिलने से प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग और तेजी से बढ़ सकता है।