chhattisgarh work from home
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रायपुर,16 मई 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ वर्क फ्रॉम होम को लेकर कर्मचारियों की बड़ी मांग

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने राज्य सरकार से शासकीय कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इस संबंध में फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर नई कार्यप्रणाली लागू करने का आग्रह किया है।

फेडरेशन का कहना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और संभावित ईंधन संकट को देखते हुए यह फैसला जरूरी हो गया है।

ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत पर जोर

कमल वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ऊर्जा संरक्षण और अनावश्यक आवागमन कम करने की अपील कर चुके हैं। इसलिए राज्य सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू होने से पेट्रोल-डीजल की बचत होगी। साथ ही ट्रैफिक का दबाव और वायु प्रदूषण भी कम होगा।

ई-ऑफिस व्यवस्था का दिया हवाला

फेडरेशन ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ में पहले से ई-ऑफिस और पेपरलेस व्यवस्था लागू है। इस कारण अधिकांश प्रशासनिक कार्य ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

इसके अलावा कई विभागों में घर से काम करने की व्यवस्था आसानी से लागू की जा सकती है। फेडरेशन का मानना है कि इससे सरकारी कामकाज पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

नवा रायपुर कार्यालयों पर बढ़ता दबाव

फेडरेशन ने कहा कि नवा रायपुर स्थित मंत्रालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी आवागमन करते हैं। इससे संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है।

इस कारण चरणबद्ध तरीके से वर्क फ्रॉम होम नीति लागू करना जरूरी माना जा रहा है। फेडरेशन ने सरकार से जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

दिल्ली सहित कई राज्यों में वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में अब छत्तीसगढ़ में भी कर्मचारियों की यह मांग चर्चा का विषय बन गई है।

कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ वर्क फ्रॉम होम की मांग को ईंधन बचत, ट्रैफिक नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है।