रायपुर, 3 जुलाई। ETrendingIndia / “A new momentum for India-Japan relations: Several major agreements in defence, AI, and investment…”भारत और जापान ने वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य और नई तकनीक सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
प्रधानमंत्री ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का भारत दौरे पर स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी अब नए चरण में प्रवेश कर रही है।
AI और रक्षा सहयोग पर जोर
दोनों देशों ने AI क्षेत्र में संयुक्त वक्तव्य जारी किया। साथ ही भारत और जापान के बीच पहला रक्षा सह-विकास (को-डेवलपमेंट) समझौता हुआ, जिसके तहत नौसेना के लिए रेडियो एंटीना विकसित किया जाएगा।
निवेश और आर्थिक साझेदारी मजबूत होगी
पिछले एक वर्ष में 100 से अधिक नए व्यापारिक समझौते हुए हैं, जिनसे भारत में 10 अरब डॉलर से अधिक जापानी निवेश आने की उम्मीद है। दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश और जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है।
ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग
भारत-जापान बायोगैस पहल के तहत भारत में 1,000 बायोगैस और जैविक खाद संयंत्र स्थापित करने में सहयोग मिलेगा। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी, परमाणु ऊर्जा, दवा, मेडिकल उपकरण और जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
शिक्षा और कौशल विकास पर भी फोकस
दोनों देशों ने कौशल विकास, तकनीकी इंटर्नशिप, शोध, शिक्षा, स्टार्टअप और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई। अगले वर्ष भारत और जापान अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी संयुक्त रूप से मनाएंगे।
