रायपुर 19 मई 2026/ ETrendingIndia / Union Minister Shri Jyotiraditya M. Scindia launches “Coffees of Nagaland” Mission / नागालैंड कॉफी मिशन , केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री, श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज नागालैंड के लिए क्लस्टर-आधारित ‘कॉफी मूल्य श्रृंखला विकास मिशन’ का शुभारंभ किया।
इस गरिमामयी समारोह में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री सुकांत मजूमदार; नागालैंड सरकार के मुख्यमंत्री श्री नेफियू रियो; नागालैंड सरकार के उपमुख्यमंत्री श्री टी. आर. जेलियांग; नागालैंड सरकार के विधायक और सलाहकार (भूमि संसाधन) श्री जी. इकुतो झिमोमी; और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव श्री संजय जाजू भी उपस्थित थे।
175 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ, “कॉफीज़ ऑफ़ नागालैंड” मिशन को ‘संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण’ के माध्यम से तैयार किया गया है।
यह मिशन, क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण के अनुसार तैयार किया गया है, जिसके तहत दो प्रायोगिक कॉफी क्लस्टरों की पहचान की गई है, कोहिमा ज़िले के तुओफेमा गाँव को ‘अरेबिका’ कॉफी के लिए और न्यूलैंड ज़िले के घोटोवी गाँव को ‘रोबस्टा’ कॉफी के लिए।
इस पहल का उद्देश्य कॉफी मूल्य श्रृंखला में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर करना है, जिसके लिए इसमें वृक्षारोपण विकास, कटाई के बाद का प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रैसेबिलिटी (उत्पत्ति का पता लगाना), निर्यात, पर्यटन और क्षमता निर्माण को एकीकृत करके कॉफी मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करना है।
मंत्री ने कहा: “यह केवल ‘संपूर्ण सरकार’ का दृष्टिकोण ही नहीं, बल्कि वास्तव में ‘संपूर्ण भारत’ का दृष्टिकोण है, जो सरकारों, मंत्रालयों, कॉफी उत्पादकों, उद्यमियों, प्रसंस्करण कर्ताओं, ब्रांडिंग विशेषज्ञों, निर्यातकों और बाज़ार के अग्रणियों को एक मंच पर लाता है।“
मंत्री महोदय ने बताया कि “कॉफ़ीज़ ऑफ़ नागालैंड” मिशन को एक पूर्ण-मूल्य-श्रृंखला विकास पहल के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागालैंड को कच्चे कॉफ़ी उत्पादक क्षेत्र से बदलकर एक प्रीमियम, उत्पत्ति का पता लगाने योग्य और एकल-मूल कॉफ़ी अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसकी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में मज़बूत पहचान बन सके।
इस मिशन का लक्ष्य पायलट क्लस्टरों में ‘कॉफ़ी बागानों में ठहरने की व्यवस्था’ और ‘खेत से कॉफी के कप तक’ पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देना भी है, ताकि पर्यटकों के सामने नागालैंड को विशेष प्रकार की कॉफ़ी के लिए एक खास और अनोखे उत्पादन स्थल के रूप में स्थापित किया जा सके।
मंत्री महोदय ने कहा कि इस पहल की असली सफलता तब दिखेगी, जब “नागालैंड की कॉफी” को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों ही बाजारों में खास जगह मिलेगी।
माननीय राज्य मंत्री श्री सुकांत मजूमदार ने इस बात पर जोर दिया कि जैविक प्रमाणीकरण, जीआई टैगिंग और डिजिटल ट्रैकिंग को एकीकृत करके, यह कार्यक्रम किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा और छोटे किसान परिवारों को सशक्त बनाएगा।
