Ramchandra Godbole
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रायपुर ,22 मई 2026/ ETrendingIndia / Ramchandra Godbole to get Padma Shri for one lakh tribals in Chhattisgarh / रामचंद्र गोडबोले पद्मश्री , 25 मई को राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ के रामचंद्र गोडबोले को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वे बीते करीब 3 दशकों से अपनी पत्नी सुनीता गोडबोले के साथ छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में लोगों का मुफ्त इलाज कर रहे हैं। उन्होंने अब तक एक लाख से ज्यादा आदिवासियों को इलाज किया है।

इस निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें चिकित्सा का पद्मश्री देने का ऐलान किया गया है।

मूल रूप से महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले गोडबोले आयुर्वेदिक चिकित्सक है। वे 1990 में अपनी पत्नी के साथ दक्षिण बस्तर के बारसूर में आकर बस गए। यहां उन्होंने सबसे पहले वनवासी कल्याण आश्रम में बंद पड़े क्लीनिक को खोला और चिकित्सा सेवा की शुरुआत की। इस काम में उनकी पत्नी सुनीता ने भी साथ दिया और बच्चों को स्कूलों से जोडऩे के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने लगीं।

बस्तर आने के बाद गोडबोले दंपत्ति ने सबसे पहले आदिवासियों की बोली सीखी, ताकि बेहतर संवाद किया जा सके। धीरे-धीरे क्लीनिक में लोगों का मुफ्त इलाज शुरू किया। दोनों ने मिलकर उन जगहों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाया, जहां सड़क, बिजली और यहां तक मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है।

ये दंपत्ति बस्तर के गांव-गांव जाकर शिविर लगाता है, जहां लोगों का मुफ्त इलाज किया जाता है। इन शिविरों में विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी बुलाया जाता है।

गोडबोले बताते हैं कि 1980 में उन्होंने जर्मनी के डॉक्टर अल्बर्ट स्वाइटजर की किताब मोर एवर फ्रॉम द प्राइमीवल पढ़ी थी। डॉक्टर अल्बर्ट ने अफ्रीका के आदिवासियों की स्वास्थ्य सेवा करने के लिए 31 साल की उम्र में पढ़ाई शुरू की थी। 38 साल की आयु में पढ़ाई पूरी कर वे आदिवासियों की सेवा में आजीवन लगे रहे।

गोडबोले ने बताया कि इस किताब ने उनके मन में भी वनवासियों की स्वास्थ्य सेवा की इच्छा पैदा कर दी थी।

25 मई को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू साल 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। पीपुल्स पद्म पहल के तहत सरकार इन पुरस्कारों के लिए चर्चित चेहरों के बजाय दूरदराज इलाकों के गुमनाम नायकों और सच्ची प्रतिभाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिनकी कहानियां और संघर्ष अक्सर चर्चा से दूर रहता है।

इस बार पद्म पुरस्कारों के लिए 131 लोगों को चुना गया है। इसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 लोग पद्मश्री से सम्मानित होंगे।