रायपुर ,24 मई 2026/ ETrendingIndia / US Secretary of State Rubio holds meeting with S Jaishankar: Discusses a range of issues ranging from terrorism to visas / रुबियो जयशंकर बैठक , अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं। आज उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान रुबियो ने भारत और अमेरिका को रणनीतिक सहयोगी बताया।
रुबियो ने कहा, आज का पहला दिन शानदार रहा है। हम आज की अपनी यात्राओं और वार्ताओं के लिए उत्सुक हैं। अमेरिका और भारत सिर्फ सहयोगी नहीं हैं; हम रणनीतिक सहयोगी हैं, और यह बेहद महत्वपूर्ण है।
द्विपक्षीय बैठक के दौरान जयशंकर और रुबियो में ईरान युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य, रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट, आतंकवाद, व्यापार और हिंद प्रशांत क्षेत्र जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत के लिए अमेरिकी टीम जल्द भारत आएगी।
जयशंकर ने रुबियो के समक्ष वीजा का मुद्दा भी उठाया। इसके जवाब में रुबिया ने कहा कि ये कदम भारत को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं लिया गया।
रुबियो ने कहा, भारत-अमेरिका साझेदारी किसी विशेष क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह साझेदारी एशिया से परे सहित दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसर खोलती है। हमारी रणनीतिक साझेदारी ही इस रिश्ते को अलग बनाती है, क्योंकि यह केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह संबंधों को बहाल करने के बारे में नहीं है। यह उस साझेदारी को आगे बढ़ाने के बारे में है जो हमारे पास पहले से ही है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका एक गहरी और व्यापक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच संबंध कई क्षेत्रों और वैश्विक मुद्दों को प्रभावित करते हैं और दोनों पक्ष कई मामलों पर समान हित साझा करते हैं।
हमारी एक व्यापक, रणनीतिक, वैश्विक साझेदारी है जो गहन और विस्तृत सहयोग पर आधारित है। ये जटिल समय हैं, लेकिन मजबूत साझेदारों के रूप में मुझे विश्वास है कि हम बहुत ही सार्थक चर्चा करेंगे।
रुबियो ने 23 मई से अपने भारत दौरे की शुरुआत की थी। वे कल कोलकाता में उतरे, जहां उन्होंने मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दोपहर में दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों के बीच एक घंटे से भी ज्यादा देर तक चर्चा हुई।
रुबियो 26 मई को दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। इसमें हिंद-प्रशांत सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है।
कुछ महीनों में भारत-अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर विवाद रहा है। सबसे बड़ा मुद्दा टैरिफ और व्यापार का है। भारत उन देशों में से था, जिन पर अमेरिका ने सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया था। इसके बाद दोनों देशों में व्यापार समझौते पर भी लंबी चर्चा के बावजूद सहमति नहीं बन सकी।
एच-1बी वीजा और अमेरिका की पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकी जैसे मुद्दों ने भी द्विपक्षीय संबंधों पर असर डाला है।
