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रायपुर 26 मई 2026/ ETrendingIndia / West Bengal: Preparations to stop infiltration intensified, holding centres to be set up in every district / पश्चिम बंगाल घुसपैठ , West Bengal में अवैध घुसपैठ के खिलाफ नई नीति लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने “डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट” नीति के तहत सभी जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाने का फैसला किया है।

इन सेंटरों में संदिग्ध अवैध विदेशी नागरिकों और डिपोर्टेशन का इंतजार कर रहे विदेशी कैदियों को अस्थायी रूप से रखा जाएगा।

गृह विभाग ने जिलों को जारी किए निर्देश

राज्य के गृह विभाग की फॉरेनर्स ब्रांच ने सभी जिला प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम केंद्र सरकार की उस एडवाइजरी के अनुसार उठाया जा रहा है, जिसमें अवैध बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या घुसपैठियों से निपटने की प्रक्रिया बताई गई है।

शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद बढ़ी कार्रवाई

यह निर्णय भाजपा नेता Suvendu Adhikari के उस बयान के बाद चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दायरे से बाहर आने वाले लोगों को अवैध घुसपैठिया माना जाएगा। ऐसे लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपने की बात कही गई थी।

30 दिन तक रखा जा सकेगा सेंटर में

केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार संदिग्ध अवैध प्रवासियों को होल्डिंग सेंटर में अधिकतम 30 दिनों तक रखा जा सकेगा। इस दौरान उनकी नागरिकता, पहचान और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। साथ ही बायोमेट्रिक डेटा भी लिया जाएगा और पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

जिला प्रशासन करेगा अंतिम फैसला

किसी व्यक्ति को अवैध विदेशी घोषित करने का अंतिम निर्णय जिला मजिस्ट्रेट या समकक्ष अधिकारी द्वारा लिया जाएगा। पहचान और जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों को सीमा अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

विपक्ष ने उठाए सवाल

इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भारतीय नागरिक को गलत तरीके से परेशान न किया जाए।

वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में अवैध घुसपैठ लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है और इस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।