डेस्क रिपोर्ट, 02 जून 2026/ Mobile Addiction in Teens: Screen Time Exceeding 6 Hours Becomes a Threat…! Impacting Children’s Thinking and Behavior…A Warning for Parents.
Mobile Addiction in Teens : आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन बच्चों और किशोरों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन यही स्क्रीन टाइम अब चिंता की बड़ी वजह बनता जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कई बच्चे और किशोर रोजाना 6 घंटे से ज्यादा समय मोबाइल, गेमिंग और सोशल मीडिया पर बिता रहे हैं, जिससे उनके मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास पर गंभीर असर पड़ रहा है।
एक समय था जब गर्मी की छुट्टियां खेलकूद, कॉमिक्स और दोस्तों के साथ बिताई जाती थीं, लेकिन अब बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल स्क्रीन के सामने गुजर रहा है। छोटे बच्चे भी आसानी से स्मार्टफोन चलाने लगे हैं और किशोरावस्था तक पहुंचते-पहुंचते मोबाइल उनकी आदत ही नहीं, बल्कि जरूरत बनता जा रहा है।
बच्चों का दिमाग अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता
डॉ. केएम चेरियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मनोचिकित्सक डॉ. रुबेन जॉन के मुताबिक बच्चे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं क्योंकि उनका दिमाग अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता।
उन्होंने बताया कि हर नोटिफिकेशन बच्चों के दिमाग को एक छोटा ‘रिवॉर्ड’ देता है, जिससे वे बार-बार स्क्रीन की ओर आकर्षित होते हैं। धीरे-धीरे वे पढ़ाई, किताबें और आमने-सामने की बातचीत जैसी गतिविधियों से दूरी बनाने लगते हैं।
ध्यान, भावनाएं और सामाजिक व्यवहार हो रहे प्रभावित
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार स्क्रीन देखने की आदत बच्चों की एकाग्रता, भावनात्मक संतुलन और सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकती है। मोबाइल अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि बच्चों के मूड, आदतों और पहचान को भी प्रभावित करने लगा है।
पैरेंट्स के लिए चेतावनी
डॉक्टरों का सुझाव है कि माता-पिता बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखें, आउटडोर एक्टिविटी बढ़ाएं और परिवार के साथ समय बिताने की आदत विकसित करें। समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो मोबाइल की लत भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
