Russia-Ukraine War
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रायपुर,17 जुलाई / ETrendingIndia / Major Shift Amid Russia-Ukraine War: Serhiy Koretsky Becomes Ukraine’s New Prime Minister / रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देश के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए ऊर्जा क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ सर्गेई कोरेत्स्की को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।

कोरेत्स्की पहली बार किसी सरकारी पद पर पहुंचे हैं। इससे पहले वे यूक्रेन की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी नाफ्टोगैज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) के रूप में कार्यरत थे।

माना जा रहा है कि ऊर्जा क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव ही उनकी नियुक्ति का सबसे बड़ा आधार बना है।

सर्गेई कोरेत्स्की का जन्म 14 मार्च 1978 को यूक्रेन के लुत्स्क शहर में हुआ था। वे पेशे से इंजीनियर और अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने लुत्स्क तकनीकी विश्वविद्यालय से यांत्रिक अभियांत्रिकी तथा व्यावसायिक अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इवानो-फ्रांकिवस्क राष्ट्रीय तेल एवं गैस तकनीकी विश्वविद्यालय से तेल एवं गैस उत्पादन में उच्च शिक्षा हासिल की।

कोरेत्स्की ने वर्ष 1997 में कॉन्टिनम समूह के साथ अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत की। अपनी कार्यकुशलता के दम पर वे बाद में इसी समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी बने। इसके बाद उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों का नेतृत्व किया और अपनी अलग पहचान बनाई।

सर्गेई कोरेत्स्की को ऊर्जा क्षेत्र में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। मई 2025 से वे यूक्रेन की सबसे बड़ी सरकारी तेल एवं गैस कंपनी नाफ्टोगैज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं।

इससे पहले वे यूक्रेन की प्रमुख तेल कंपनी उक्रनाफ्टा के प्रमुख भी रह चुके हैं, जो नाफ्टोगैज समूह का हिस्सा रही है।

उन्होंने वेस्टर्न ऑयल समूह, कॉन्टिनम समूह तथा यूक्रेन की प्रमुख ईंधन भराव केंद्र श्रृंखलाओं में शामिल डब्ल्यूओजी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में भी सेवाएं दी हैं। ऊर्जा क्षेत्र के अलावा उन्होंने कुछ समय तक कॉफी केंद्रों की श्रृंखला का संचालन भी किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरेत्स्की की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है। बिजली संयंत्रों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के कारण देश को गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है, विशेष रूप से शीत ऋतु में बिजली और ताप व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गई है।

राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आगामी शीत ऋतु की तैयारियों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि यूक्रेन को हर संभावित खतरे के लिए तैयार रहना होगा। ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र की गहरी समझ रखने वाले कोरेत्स्की से सरकार को काफी उम्मीदें हैं।

सर्गेई कोरेत्स्की लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। हाल ही में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के शिखर सम्मेलन के दौरान वे राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ तुर्किये गए थे।

इसके अलावा जून माह में वे पोलैंड में आयोजित यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने विभिन्न देशों के नेताओं और निवेशकों से मुलाकात कर नाफ्टोगैज समूह तथा यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र के लिए सहयोग और निवेश बढ़ाने के प्रयास किए।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ऊर्जा सुरक्षा यूक्रेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे समय में ऊर्जा क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ सर्गेई कोरेत्स्की को प्रधानमंत्री बनाकर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार की प्राथमिकता ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करना, शीत ऋतु की तैयारियों को सुनिश्चित करना तथा युद्ध के बीच देश की आर्थिक एवं ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।