रायपुर 6 जून 2026/ ETrendingIndia / “What is a money mule account? RBI warns the public, greed can lead to jail…” मनी म्यूल खाता , भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों को “मनी म्यूल” (Money Mule) खातों से सावधान रहने की सलाह दी है। आरबीआई के अनुसार, मनी म्यूल वह व्यक्ति होता है जो अपने बैंक खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति के अवैध पैसे को प्राप्त करने या आगे ट्रांसफर करने के लिए करने देता है।
ऐसे मामलों में असली अपराधी बच निकलते हैं, जबकि बैंक खाता धारक कानूनी जांच और कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
क्या होता है मनी म्यूल खाता ?
साइबर अपराधी, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, निवेश घोटाले और अन्य वित्तीय अपराधों से प्राप्त रकम को छिपाने के लिए आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं।
कई बार लोगों को कमीशन, नौकरी या आसान कमाई का लालच देकर उनके खाते, एटीएम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी हासिल कर ली जाती है। बाद में इन्हीं खातों के जरिए अवैध धन का लेन-देन किया जाता है।
जेल और कानूनी कार्रवाई का खतरा
आरबीआई और विभिन्न जांच एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति के खाते का उपयोग अवैध धन के लेन-देन में होता है, तो उसका खाता फ्रीज किया जा सकता है और उसे पुलिस जांच का सामना करना पड़ सकता है।
कई मामलों में साइबर अपराधों से जुड़े मनी म्यूल खातों पर कार्रवाई भी की गई है।
ऐसे फंसाते हैं ठग
खाते में पैसा लेने और आगे भेजने पर कमीशन का लालच।
घर बैठे नौकरी या पार्ट-टाइम काम का ऑफर।
बैंक खाता किराये पर लेने या बेचने का प्रस्ताव।
एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी मांगना।
बचाव के उपाय
अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें।
एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में आए पैसे को आगे ट्रांसफर न करें।
आसान कमाई या कमीशन के लालच से बचें।
संदिग्ध लेन-देन होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।
आरबीआई की पहल
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए आरबीआई ने “MuleHunter.AI” नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली विकसित की है, जो संदिग्ध मनी म्यूल खातों की पहचान करने में बैंकों की मदद करेगी। केंद्र सरकार और बैंक भी ऐसे खातों पर निगरानी बढ़ा रहे हैं।
आपका बैंक खाता आपकी पूंजी और पहचान है। थोड़े से लालच में आकर अपना खाता, एटीएम कार्ड या बैंकिंग जानकारी किसी को न दें, अन्यथा आप भी अनजाने में साइबर अपराधियों के जाल में फंस सकते हैं।
