Betting Racket: Major online betting racket busted in Durg! Multi-crore network exposed due to infighting among Congress leaders.
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दुर्ग, 06 जून 2026/ Betting Racket: Major online betting racket busted in Durg! Multi-crore network exposed due to infighting among Congress leaders.

Betting Racket : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए चल रहे बड़े सट्टा रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। खास बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा कांग्रेस के दो नेताओं के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद हुआ। पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच में कई राज्यों तक फैले ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।

कांग्रेस नेताओं के विवाद से खुला मामला

जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश महासचिव राजेश गुप्ता और कांग्रेस नेता अनिल सिंह के बीच विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। विवाद बढ़ने पर अनिल सिंह ने एसपी से शिकायत करते हुए राजेश गुप्ता और उनके बेटे निशांत कुमार गुप्ता पर ऑनलाइन सट्टा संचालन और अवैध संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए।

र्क

पुलिस जांच में पता चला कि राजेश गुप्ता और उनका बेटा निशांत कुमार गुप्ता दूसरे राज्यों में छिपकर ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क चला रहे थे। आरोप है कि इस कारोबार से करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति बनाई गई।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राजेश गुप्ता का नाम पहले भी नकली नोट से जुड़े मामले में सामने आ चुका है।

9 आरोपी गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2 स्थित घर से निशांत कुमार गुप्ता समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में, 6 आरोपी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मऊ जिले के रहने वाले हैं। 2 आरोपी बिहार से जुड़े बताए जा रहे हैं।

C-B Cricket Buzz और RubyBet App से चलता था खेल

मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह लंबे समय से नागपुर, विशाखापट्टनम और अन्य शहरों में किराए के मकानों से ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी C-B Cricket Buzz Betting App और RubyBet जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए सट्टा नेटवर्क चला रहे थे।

नागपुर से ऑपरेट हो रहा था पूरा सिस्टम

जांच में सामने आया कि महाराष्ट्र के नागपुर में किराए के मकान से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। यहां से, डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट मैनेजमें, बेटिंग आईडी संचालन जैसे तकनीकी काम किए जाते थे।ऑपरेटरों को हर महीने 20 से 25 हजार रुपये तक वेतन दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए रोजाना करीब 4 से 5 लाख रुपये का लेन-देन हो रहा था। महीनेभर में यह रकम करीब 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती थी।

पुलिस ने क्या-क्या जब्त किया?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सामान जब्त किया है, जिनमें, 28 लाख रुपये के सोने-चांदी और डायमंड ज्वेलरी, 1.52 लाख रुपये नकद, 29 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 पासबुक, 45 सिम कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज शामिल हैं।

जांच अभी जारी

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और टेलीकॉम अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस नेटवर्क के अन्य लिंक, आर्थिक लेन-देन और पूरे रैकेट के विस्तार की जांच में जुटी हुई है।