Share This Article Inspirational Leader: A Special Tribute… That ‘Lion’ of Chhattisgarh whose roar made politicians and officials tremble… Niranjan Kesharwani lives on in memory… his legacy endures to this day. Inspirational Leader : छत्तीसगढ़ की राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं जो पद और प्रतिष्ठा से कहीं आगे बढ़कर जनभावनाओं का हिस्सा बन जाते हैं। ऐसे ही जननेता थे निरंजन केसरवानी, जिन्हें लोग आज भी ‘छत्तीसगढ़ का शेर’ कहकर याद करते हैं। उनकी निर्भीक नेतृत्व क्षमता, जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और अन्याय के खिलाफ बुलंद आवाज ने उन्हें लाखों लोगों के दिलों में विशेष स्थान दिलाया। उनके जन्मदिवस 13 जून के अवसर पर प्रदेश उन्हें केवल एक पूर्व सांसद या राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और जनसेवा की मिसाल के रूप में स्मरण कर रहा है। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की छाप आज भी छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और सामाजिक चेतना में जीवंत है। छत्तीसगढ़ की राजनीति और समाज सेवा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक युग बन जाते हैं। ऐसे ही व्यक्तित्व थे निरंजन केशरवानी, जिन्हें लोग प्यार से ‘छत्तीसगढ़ का शेर’ कहा करते थे। 8 फरवरी 1994 को उनके निधन की खबर ने पूरे छत्तीसगढ़ को स्तब्ध कर दिया था। अखबारों की सुर्खियों में लिखा गया- ‘छत्तीसगढ़ का शेर अब नहीं रहा। लेकिन आज भी उनके संघर्ष, नेतृत्व और जनसेवा की कहानियां लोगों की स्मृतियों में जीवित हैं। निरंजन केशरवानी अपनी बेबाकी और निर्भीकता के लिए जाने जाते थे। आज भी जीवित है उनकी विरासत वे केवल लोकप्रिय सांसद और जननेता ही नहीं, बल्कि प्रदेश के चर्चित अधिवक्ताओं में भी शामिल थे। अदालतों में उनकी तार्किक दलीलें और तथ्यों की पकड़ न्यायाधीशों तक को प्रभावित कर देती थी। युवा अवस्था में एक सड़क दुर्घटना में उनका एक पैर काटना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसे कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। संघर्षों को ताकत बनाकर उन्होंने राजनीति, समाज सेवा और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कीं। निरंजन केशरवानी ने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समाज, साहित्य, शिक्षा और राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका ने हजारों युवाओं को दिशा देने का काम किया। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में निरंजन केशरवानी का नाम एक ऐसे जननायक के रूप में दर्ज है, जिन्होंने जनता की आवाज को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाया। उनकी नेतृत्व क्षमता, निर्भीकता और जनसेवा की भावना आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनी हुई है। संग्रह- कविता केशरवानी, रायपुर Share This Article Post navigation Hindi Story Collection : कहानी-संग्रह ‘माटी के पंख’…! विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भेंट इतिहास में पहली बार रेल मानचित्र पर उभरेगा जशपुर धरमजयगढ़– पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार की अधिसूचना