रायपुर ,18 जून 2026/ ETrendingIndia / Telegram ban controversy: Pavel Durov
levels major allegations against Reliance and WhatsApp. भारत में टेलीग्राम बैन के बीच नया विवाद
टेलीग्राम बैन विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) Pavel Durov ने भारतीय टेलीकॉम कंपनी Reliance Industries से जुड़े हितों और Meta के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ड्यूरोव का दावा है कि टेलीग्राम को भारत में प्रतिबंधित कराने और उसकी सेवाओं को प्रभावित करने के पीछे प्रतिस्पर्धात्मक कारण हो सकते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ड्यूरोव ने क्या लगाए आरोप?
टेलीग्राम बैन विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए ड्यूरोव ने कहा कि टेलीग्राम के खिलाफ एक संगठित अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेलीग्राम की सेवाओं को बाधित करने के लिए तकनीकी और नीतिगत स्तर पर प्रयास किए गए।
इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत में ऐप पर कार्रवाई करवाने के लिए लॉबिंग की गई। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
रिलायंस कम्युनिकेशंस और जियो को लेकर भ्रम
रिपोर्टों के अनुसार, ड्यूरोव की टिप्पणी में एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक भ्रम भी सामने आया है। उन्होंने कथित तौर पर Reliance Communications और Jio Platforms के बीच अंतर स्पष्ट नहीं किया।
विश्लेषकों का मानना है कि ड्यूरोव ने रिलायंस समूह की अलग-अलग कंपनियों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। इसलिए उनके आरोपों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्यों लगा टेलीग्राम पर प्रतिबंध?
टेलीग्राम बैन विवाद उस समय शुरू हुआ जब भारत सरकार ने NEET-UG परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और दुरुपयोग की जांच के बीच टेलीग्राम को अस्थायी रूप से ऐप स्टोर्स से हटाने का आदेश दिया।
सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करना और गलत गतिविधियों पर रोक लगाना बताया गया है। इसी कारण टेलीग्राम की उपलब्धता पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया।
दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा मामला
टेलीग्राम ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए Delhi High Court का रुख किया है। कंपनी का कहना है कि प्रतिबंध अनुचित है और इससे लाखों वैध उपयोगकर्ता प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं सरकार का पक्ष है कि परीक्षा सुरक्षा और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अब इस मामले पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
