Prakash Raj
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रायपुर, 23 जून 2026/ ETrendingIndia / “Uproar over news of arrest warrant against Prakash Raj: Actor says—’Those spreading fake news got their answer'” दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज गिरफ्तारी वारंट मामले को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बेंगलुरु की एक अदालत ने कथित वोटर आईडी मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। हालांकि अभिनेता ने इन खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया है।

प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग झूठी खबरें बनाकर फैला रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि ऐसे लोग उनके कारण व्यस्त बने हुए हैं और इससे उन्हें खुशी मिल रही है।

वोटर आईडी मामले को लेकर उठे सवाल

प्रकाश राज गिरफ्तारी वारंट से जुड़ी खबरों में दावा किया गया था कि अभिनेता पर एक ही नाम से चार वोटर आईडी कार्ड हासिल करने का आरोप है। इसी आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई।

हालांकि प्रकाश राज ने इन दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए पूछा कि ऐसी खबरें चलाने वाले लोग कितने भरोसेमंद हैं और इनके पीछे कौन है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए।

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज बताकर किया खंडन

अभिनेता ने एक अन्य पोस्ट में उन रिपोर्ट्स को “फेक न्यूज” बताया, जिनमें उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने का दावा किया गया था। इसके बाद उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट भी साझा किया, जिसमें इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया गया था।

इसके अलावा अभिनेता के समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर इन रिपोर्ट्स की आलोचना की और तथ्यात्मक जानकारी साझा करने की मांग की।

रिपोर्ट्स में क्या किया गया था दावा?

कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के बाद प्रकाश राज गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित वोटर आईडी मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

लेकिन अभिनेता ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक ओर अभिनेता के समर्थक खबरों को भ्रामक बता रहे हैं, जबकि दूसरी ओर लोग मामले की सच्चाई जानने की मांग कर रहे हैं।