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रायपुर, 23 जून 2026/ ETrendingIndia / “Tribal Development Department: Increase of 2000 seats, nutrition gardens will be developed in 1000 Ashram hostels.” आश्रम छात्रावास पोषण वाटिका , आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने प्रदेश के छात्रावास-आश्रमों में शैक्षणिक सुविधाओं, पोषण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

श्री बोरा ने मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में छात्रावास-आश्रमों में सतत मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

श्री बोरा ने राज्य के 1000 आश्रम-छात्रावासों में पोषण वाटिकाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए हैं।

इन वाटिकाओं में आम, अमरूद, जामुन, पपीता, सीताफल और केला जैसे फलदार वृक्षों के साथ भिंडी, टमाटर, करेला, लौकी, आलू, प्याज और मुनगा जैसी सब्जियों के पौधे लगाए जाएंगे।

इससे बच्चों को ताजे और पौष्टिक फल-सब्जियां उपलब्ध होंगी तथा परिसर को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकेगा।

प्रमुख सचिव ने कहा कि विभागीय छात्रावास-आश्रम शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए यहां अध्ययनरत बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने 16 जून से शुरू हुए नवीन शैक्षणिक सत्र की समीक्षा करते हुए छात्रावास-आश्रमों में आधार बेस उपस्थिति प्रणाली को सख्ती से लागू करने तथा सत्र प्रारंभ होने से पहले पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 3357 छात्रावास-आश्रम संचालित है और यहां 1,98,371 स्वीकृत सीटें हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और विभागीय मंत्री श्री नेताम के मार्गदर्शन में इस वर्ष लगभग 2000 सीटों की वृद्धि की है।

प्रमुख सचिव ने छात्रावास-आश्रम भवन निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कुल 254 स्वीकृत कार्यों में से 191 कार्य निर्माणाधीन हैं तथा 45 कार्य अप्रारंभ हैं। इस प्रकार पूर्ण कार्यों का प्रतिशत 27 प्रतिशत रहा।