रकयपुर ,02 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Collector Singh interacted with the children orphaned during COVID-19… discussed their education and future.” कोविड अनाथ बच्चों सहायता , कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो चुके दस बच्चों (प्रीति टंडन, करीना टंडन, स्पनिल बोस, दुष्यंत कुमार साहू, जयंत कुमार साहू, वैभव बंजारे, सुल्ताना खान, यमुना ठाकुर, जय ठाकुर, रविन्द्र कुमार टंडन) से कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज आत्मीय मुलाकात कर संवाद किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर सिंह ने बच्चों से उनके वर्तमान विद्यालय, पढ़ाई की स्थिति और रुचियों के बारे में विस्तार से पूछा। उन्होंने यह भी जाना कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं और किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति की उपलब्धता और शासन द्वारा दी जा रही अन्य सहायता योजनाओं के बारे में भी बच्चों से सीधे जानकारी ली।
भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पीएम केयर्स में लाभान्वित बालक/बालिकाओं को स्पांसरशिप योजना, महतारी दुलार योजना, एक्सग्रेसिया (आपदा प्रबंधन राहत कोष ), 23 वर्ष पूर्ण होने पर एकमुश्त 10 लाख रूपए की राशि, कक्षा पहली से 12वीं तक अध्ययनरत लाभार्थियों को प्रति वर्ष 20 हजार रूपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को सभी बच्चों के आधार कार्ड, बायोमेट्रिक अपडेट, 18 वर्ष पूर्ण कर चुके युवाओं के वोटर आईडी कार्ड एवं जाति प्रमाण पत्र बनाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी बच्चों से उनकी वर्तमान पढ़ाई और शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली। बच्चों ने अपने-अपने अध्ययन और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया।
इस दौरान कलेक्टर ने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, लक्ष्य निर्धारित करने तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
इस दौरान महिला एवं बाल विकास के अधिकारी अजय साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रीति डांगरे, परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल, जिला बाल संरक्षण ईकाई के कर्मचारी उपस्थित थे।
