रायपुर, 11 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / Courtroom Chaos in Supreme Court: Petitioner Hurls Abuses at CJI, Throws Papers; Bench Shows Restraint , सुप्रीम कोर्ट कोर्टरूम हंगामा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक स्वयं पक्ष रख रहे (पार्टी-इन-पर्सन) याचिकाकर्ता को सुनवाई के दौरान कथित तौर पर न्यायालय में अनुचित व्यवहार करते, कागज फेंकते और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है।
‘मैं संप्रभु हूं’ कहकर अदालत को दिए निर्देश
रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका लेकर न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की द्वि-न्यायाधीश पीठ के समक्ष पेश हुए। सुनवाई के दौरान उन्होंने न्यायाधीशों को “ज्यूडिशियल सर्वेंट” कहकर संबोधित किया और स्वयं को “सॉवरेन (संप्रभु)” बताते हुए लखनऊ के एसीपी विकास नगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देने की बात कही। इस पर न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने पूछा, “आप हमें आदेश दे रहे हैं?”
कागज फेंके, अभद्र भाषा का किया इस्तेमाल
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट कोर्टरूम हंगामा और बढ़ गया। याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर अदालत में कागज हवा में उछाल दिए और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। हालांकि, न्यायालय की कार्यवाही के दौरान की गई टिप्पणियों और वीडियो के आधार पर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेश को महत्व दिया जाना चाहिए।
बेंच ने रखा संयम, कानूनी प्रक्रिया अपनाई
हंगामे के बावजूद न्यायाधीशों ने संयम बनाए रखा और स्थिति को शांतिपूर्वक संभाला। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने मामले में कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह घटना न्यायालय की गरिमा बनाए रखने और अदालत में शिष्टाचार के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करती है।
