रायपुर,15 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Tamil poet R. Vairamuthu received the 60th Jnanpith Award… honored with the country’s highest literary award.” प्रख्यात तमिल कवि, साहित्यकार और गीतकार आर. वैरामुथु को 60वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. कर्ण सिंह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह समारोह वैरामुथु के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित हुआ।
11 लाख रुपये, कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र
ज्ञानपीठ पुरस्कार के तहत आर. वैरामुथु को 11 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, मां सरस्वती (वाग्देवी) की कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार भारतीय साहित्य में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।
तमिल साहित्य के लिए गौरव का क्षण
सम्मान प्राप्त करने के बाद वैरामुथु ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि तमिल भाषा और पूरे भारतीय साहित्य जगत का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें आगे भी बेहतर साहित्य सृजन के लिए प्रेरित करेगा।
पहले तमिल कवि, तीसरे तमिल साहित्यकार
आर. वैरामुथु ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले पहले तमिल कवि और तीसरे तमिल साहित्यकार बन गए हैं। उन्होंने कविता, उपन्यास, निबंध और हजारों फिल्मी गीतों के माध्यम से साहित्य और संस्कृति को समृद्ध किया है।
उनके चर्चित उपन्यास ‘कल्लिक्काट्टु इथिहासम’ को वर्ष 2003 में साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है। यह सम्मान भारतीय भाषाओं के साहित्य को नई पहचान देने वाला माना जा रहा है।
