रायपुर,15 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “MP: Job through fake degree, 9 teachers dismissed” मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी करने वाले नौ शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ये शिक्षक वर्ष 2010 से 2014 के बीच (अब कर्मचारी चयन मंडल) की भर्ती परीक्षा के माध्यम से नियुक्त हुए थे और पिछले 12 से 16 वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे थे।
जांच में खुला फर्जीवाड़ा
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भर्ती में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जांच समिति बनाई गई। समिति ने शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, सेवा अभिलेख और नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की।
संदेह होने पर डिग्रियों का सत्यापन माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल और कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय से कराया गया।
विश्वविद्यालय ने डिग्रियां बताईं फर्जी
सत्यापन में पता चला कि संबंधित शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत डिग्रियां और प्रमाणपत्र विश्वविद्यालय की ओर से जारी ही नहीं किए गए थे। इसके बाद सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस देकर व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन वे अपने दस्तावेजों की वैधता साबित नहीं कर सके।
एफआईआर भी होगी दर्ज
जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने सभी नौ शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
