GI Tag
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रायपुर,17 जुलाई / ETrendingIndia / “Gujarat’s Unjha Cumin (Jeera) and Fennel (Saunf) get GI Tag: National recognition for Unjha spices, 822 products recognized in the country so far” भारत सरकार ने गुजरात के प्रसिद्ध ऊंझा जीरा और ऊंझा सौंफ को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है। इससे इन उत्पादों की गुणवत्ता, विशिष्ट पहचान और बाजार में विश्वसनीयता को नई मजबूती मिलेगी।

साथ ही किसानों को बेहतर कीमत मिलने और निर्यात बढ़ने की संभावना भी बढ़ेगी।

एक वर्ष में 125 नए GI टैग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच देश में 125 नए GI टैग पंजीकृत किए गए।

इसके साथ ही भारत में GI टैग प्राप्त उत्पादों की कुल संख्या बढ़कर 822 हो गई है। यह देश की पारंपरिक कृषि, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

उत्तर प्रदेश पहले, तमिलनाडु दूसरे स्थान पर

GI टैग पंजीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है।

विभिन्न राज्यों के पारंपरिक उत्पादों को GI टैग मिलने से स्थानीय उद्योग, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है।

GI टैग से क्या होगा लाभ ?

GI टैग मिलने से नकली उत्पादों पर रोक लगाने में मदद मिलती है, उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ती है और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी मांग मजबूत होती है। इससे किसानों, कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ने की उम्मीद है।