Share This Article रायपुर, 20 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / Climate crisis and conflict increase threats to world heritage sites…! Emphasis placed on global cooperation for conservation… दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और बढ़ते सशस्त्र संघर्षों के कारण दुनिया की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विश्व धरोहरों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यूनेस्को ने इन अमूल्य धरोहरों की सुरक्षा के लिए सभी देशों से मिलकर प्रभावी कदम उठाने की अपील की। रोकथाम को दें प्राथमिकता यूनेस्को के संस्कृति मामलों के सहायक महानिदेशक नायेफ अल-फायेज ने कहा कि धरोहर स्थलों को नुकसान होने के बाद मरम्मत करने से बेहतर है कि पहले से ऐसे उपाय किए जाएं, जिससे नुकसान को रोका जा सके। उनका कहना था कि इमारतों की मरम्मत संभव है, लेकिन किसी समाज की सांस्कृतिक पहचान और उससे जुड़ी भावनात्मक क्षति की भरपाई करना बहुत कठिन होता है। सरकार के साथ समाज की भी जिम्मेदारी यूनेस्को ने स्पष्ट किया कि विश्व धरोहरों का संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। स्थानीय समुदाय, वहां काम करने वाले लोग और पर्यटक भी इन स्थलों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि 1988 में यूनेस्को विश्व धरोहर सम्मेलन का सदस्य बनने के बाद पहली बार दक्षिण कोरिया इस 10 दिवसीय बैठक की मेजबानी कर रहा है। Share This Article Post navigation 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार : ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान, मुख्यमंत्री ने राज्य का सांस्कृतिक गौरव कहा Dulhaniya Le Aayegi : भिलाई से बॉलीवुड तक…! छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं आकाशादित्य लामा…आज रिलीज़ होगी ‘दुल्हनिया ले आएगी