रायपुर, 21 जुलाई 2026 / ETrendingIndia / Now LPG will be phased out and food will be cooked on ethanol… the government is bringing a subsidy scheme. / देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और एलपीजी पर निर्भरता कम करने की दिशा में केंद्र सरकार एक नई पहल पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ऐसी नीति तैयार कर रहा है जिसके तहत घरेलू रसोई में एथेनॉल आधारित कुकिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जा सकता है।
यदि योजना को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले वर्षों में एथेनॉल एलपीजी और पीएनजी के पूरक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित नीति में एथेनॉल की उपलब्धता बढ़ाने, वितरण व्यवस्था विकसित करने और उपभोक्ताओं को इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि सरकार इस दिशा में विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल आधारित कुकिंग सिस्टम अपनाने से देश का आयातित एलपीजी पर दबाव कम हो सकता है।
साथ ही, गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से बनने वाले एथेनॉल के उपयोग से किसानों और जैव-ईंधन उद्योग को भी लाभ मिलने की संभावना है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, भारत की एथेनॉल उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है और घरेलू मांग से अधिक उत्पादन होने की स्थिति में इसका उपयोग नए क्षेत्रों में किया जा सकता है।
सरकार पहले ही परिवहन क्षेत्र में एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है और अब घरेलू उपयोग के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, तेल विपणन कंपनियां एथेनॉल आधारित कुकिंग स्टोव और उससे जुड़े सुरक्षा मानकों पर परीक्षण और अनुसंधान कर रही हैं। भविष्य में यदि यह योजना लागू होती है तो पेट्रोल पंपों या अन्य अधिकृत केंद्रों के माध्यम से एथेनॉल की खुदरा उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी विकसित की जा सकती है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों और आपूर्ति में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है।
हालांकि, मंत्रालय की ओर से अभी तक इस प्रस्तावित नीति की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। नीति को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही इसके स्वरूप, समयसीमा और लागू करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
