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रायपुर, 23 जुलाई 2026 / ETrendingIndia / World-Class Maritime Heritage Complex being built in Lothal: Tourists to experience the 4,500-year-old Harappan Civilization / गुजरात के ऐतिहासिक लोथल में लगभग 400 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत की 4,500 वर्ष पुरानी समुद्री विरासत, हड़प्पा सभ्यता और प्राचीन समुद्री व्यापार को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।

यह परियोजना केवल संग्रहालय नहीं, बल्कि विरासत, पर्यटन, शिक्षा और शोध का बड़ा केंद्र होगी।

14 विषयगत दीर्घाएं

संग्रहालय में 14 गैलरियां बनाई जा रही हैं, जिनमें हड़प्पा सभ्यता, प्राचीन समुद्री व्यापार, भारत के वैश्विक समुद्री संबंध, मराठा नौसेना, भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, पारंपरिक जहाज निर्माण, जलवायु परिवर्तन और बच्चों के लिए विशेष दीर्घा शामिल होगी। इंटरैक्टिव और डिजिटल तकनीक से आगंतुकों को समुद्री इतिहास का जीवंत अनुभव मिलेगा।

हड़प्पाई नगर और आधुनिक आकर्षण

परिसर में प्राचीन लोथल का जीवन-आकार (लाइफ-साइज) मॉडल बनाया जा रहा है, जहां उस समय की सड़कें, बाजार, घर और जल निकासी व्यवस्था दिखाई जाएगी। इसके अलावा जेट्टी, जलमार्ग, 5-डी डोम थिएटर, लाइटहाउस म्यूजियम, साउंड एंड लाइट शो, थीम पार्क, कैफे, म्यूजोटेल और इको-रिसॉर्ट भी विकसित किए जाएंगे।

पर्यटन और वैश्विक सहयोग

परियोजना में तटीय राज्यों के पवेलियन बनाए जाएंगे और 35 देशों के साथ समुद्री विरासत के संरक्षण एवं आदान-प्रदान के लिए सहयोग किया जा रहा है।

गुजरात सरकार पूरे लोथल क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। भविष्य में इसे हेरिटेज, इको-टूरिज्म और क्रूज पर्यटन सर्किट से जोड़ने तथा बेहतर रेल संपर्क विकसित करने की भी योजना है।

यह परियोजना भारत की समुद्री विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ पर्यटन, रोजगार और अनुसंधान के नए अवसर भी सृजित करेगी।