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रायपुर, 25 जुलाई 2026 / ETrendingIndia / राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षाओं के संचालन को लेकर लगातार विवादों के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, हटाए गए कुछ अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

नीट सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

पिछले कई महीनों से देशभर में लाखों छात्र और विभिन्न छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है। सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए एजेंसी के ढांचे और कार्यप्रणाली में बड़े स्तर पर बदलाव करने की तैयारी में है। आने वाले समय में कई अन्य सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

हालांकि, सरकार की ओर से यह संकेत भी दिए गए हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे और उनके इस्तीफे का कोई प्रस्ताव नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी वीडियो संदेश में कहा था कि सरकार प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून ला रही है।

शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी। अब इसे सोमवार को संसद में पेश किया जाएगा।

प्रस्तावित कानून के तहत प्रश्नपत्र लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में दोषियों को 10 वर्ष तक के कठोर कारावास तथा 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा ऐसे मामलों की सुनवाई विशेष त्वरित न्यायालयों में होगी, जहां तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस कानून को शीघ्र संसद से पारित कराकर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और उन्हें न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की स्थापना वर्ष 2017 में की गई थी। वर्ष 2018 से अब तक एजेंसी देशभर में 270 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का आयोजन कर चुकी है, जिनमें लगभग 6 करोड़ 60 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
वर्ष 2026 में अब तक एजेंसी 12 परीक्षाओं का आयोजन कर चुकी है, जिनमें करीब 65 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 24 पदों पर नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 15 पद रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त एजेंसी में 73 कर्मचारी संविदा पर तथा 124 कर्मचारी बाह्य स्रोत (आउटसोर्सिंग) के माध्यम से कार्यरत हैं।

सरकार का मानना है कि प्रशासनिक सुधार, कड़े कानून और जवाबदेही तय करने जैसे उपायों से राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास पुन: स्थापित किया जा सकेगा तथा भविष्य में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।