Indian Hockey: History to repeat itself after three decades...! India's son to step into the World Cup arena, following in his mother's footsteps.
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रायपुर, 26 जुलाई 2026/ Indian Hockey: History to repeat itself after three decades…! India’s son to step into the World Cup arena, following in his mother’s footsteps.

Indian Hockey : भारतीय हॉकी के इतिहास में पहली बार मां-बेटे की जोड़ी विश्व कप खेलने का अनोखा रिकॉर्ड बनाने जा रही है। 1998 में नीदरलैंड में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पूर्व कप्तान प्रीतम रानी सिवाच के बेटे यशदीप सिवाच अब 2026 हॉकी विश्व कप में उसी देश में भारत की जर्सी पहनकर उतरेंगे।

यह पल पूरे सिवाच परिवार और भारतीय हॉकी के लिए बेहद भावुक और गर्व का अवसर है।

मां की विरासत, बेटे का नया सफर…

करीब 28 साल बाद यशदीप सिवाच नीदरलैंड में विश्व कप खेलेंगे, जहां उनकी मां प्रीतम रानी सिवाच ने 1998 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

भारतीय हॉकी में बना अनोखा रिकॉर्ड

प्रीतम रानी और यशदीप भारतीय हॉकी के इतिहास में विश्व कप खेलने वाली पहली मां-बेटे की जोड़ी बन गए हैं।

बचपन से मिली हॉकी की प्रेरणा

यशदीप बचपन से मां की विश्व कप की तस्वीरें और यादगार एल्बम देखते रहे। इन्हीं यादों ने उनके भीतर हॉकी के प्रति जुनून पैदा किया।

पूरा परिवार हॉकी से जुड़ा…

पिता कुलदीप सिवाच पूर्व हॉकी खिलाड़ी और कोच हैं, जबकि बहन कनिका भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। पूरा परिवार हॉकी को समर्पित है।

माता-पिता का सपना पूरा करने का लक्ष्य

यशदीप का कहना है कि उनका सपना विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर अपने माता-पिता का अधूरा सपना पूरा करना और बहन के लिए प्रेरणा बनना है।

गोल बचाने में मिलता है आनंद…

मां और बहन जहां गोल करने के लिए जानी जाती हैं, वहीं डिफेंडर यशदीप को गोल बचाना और टीम की रक्षा करना सबसे ज्यादा पसंद है।

कोच का मंत्र- ‘जस्ट बी यू’

मुख्य कोच क्रेग फुल्टन और कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित वरिष्ठ खिलाड़ियों के मार्गदर्शन से यशदीप बिना किसी दबाव के विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।