E20 Petrol Survey
E20 Petrol Survey
Share This Article

रायपुर, 27 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / E20 पेट्रोल सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले दावे

नई दिल्ली। E20 पेट्रोल सर्वे में दावा किया गया है कि 2023 से पहले निर्मित पेट्रोल कारों के बड़ी संख्या में मालिकों ने माइलेज घटने की शिकायत की है। लोकलसर्किल्स (LocalCircles) के सर्वे के अनुसार, 67 प्रतिशत वाहन मालिकों ने बताया कि वर्ष 2025 की शुरुआत से उनकी कार का माइलेज 10 प्रतिशत से अधिक कम हुआ है। इसके अलावा कई लोगों ने वाहन के रखरखाव खर्च बढ़ने की भी बात कही है।

माइलेज के साथ इंजन घिसने की भी शिकायत

E20 पेट्रोल सर्वे के अनुसार, 10 में से 6 से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन मालिकों ने माइलेज में गिरावट दर्ज की। वहीं, 4 में से अधिक वाहन मालिकों ने इंजन में अधिक घिसावट और रखरखाव लागत बढ़ने की शिकायत की। हालांकि, यह सर्वे प्रतिभागियों के अनुभवों पर आधारित है और यह सभी वाहनों पर समान रूप से लागू हो, ऐसा आवश्यक नहीं है।

E20 के बाद अब E22, E25 और E30 की तैयारी

भारत सरकार पहले ही देश के अधिकांश हिस्सों में E20 पेट्रोल लागू कर चुकी है। इसके अलावा ऊर्जा संक्रमण रणनीति के तहत E22, E25, E27 और E30 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की तैयारी भी जारी है। वहीं, भविष्य में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन लाने की भी योजना है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है।

उपभोक्ता विवाद और आगे की चुनौती

हाल ही में रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में मारुति सुजुकी को कथित रूप से E20 ईंधन से जुड़े बार-बार इंजन संबंधी समस्याओं के बाद वाहन बदलने या धनवापसी करने का निर्देश दिया था। इस बीच E20 पेट्रोल सर्वे के निष्कर्षों ने पुराने वाहनों पर उच्च इथेनॉल मिश्रण के प्रभाव को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। अंत में, विशेषज्ञों का मानना है कि इस विषय पर व्यापक तकनीकी अध्ययन और दीर्घकालिक परीक्षण आवश्यक हैं, ताकि वाहन मालिकों और नीति निर्माताओं को स्पष्ट एवं विश्वसनीय जानकारी मिल सके।