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रायपुर, 27 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / कारगिल युद्ध को लेकर पाकिस्तान में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फज़ल) के प्रमुख मौलाना फज़लुर रहमान ने पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में मारे गए सैनिकों के शव भारत में ही छोड़ दिए गए और उनकी वास्तविक संख्या भी जनता से छिपाई गई।

उनके बयान के बाद पाकिस्तान की सैन्य रणनीति और कारगिल युद्ध को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

पाक सेना पर गंभीर आरोप

मौलाना फज़लुर रहमान ने कहा कि कारगिल संघर्ष के दौरान शहीद पाकिस्तानी सैनिकों के शव वापस नहीं लाए गए और उन्हें भारत के कब्जे वाले क्षेत्र में ही छोड़ दिया गया।

‘शहीदों की संख्या भी छिपाई गई’

उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने युद्ध में मारे गए सैनिकों की वास्तविक संख्या भी सार्वजनिक नहीं की, जिससे शहीदों के परिवारों को पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।

कारगिल युद्ध पर फिर छिड़ी बहस

रहमान के बयान के बाद पाकिस्तान में कारगिल युद्ध की रणनीति, सैन्य नेतृत्व और उस समय लिए गए फैसलों पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।

कई विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा लंबे समय से पाकिस्तान की राजनीति और सेना के बीच विवाद का विषय रहा है।

भारत ने निभाई थी मानवीय जिम्मेदारी

कारगिल युद्ध के दौरान भारत ने कई पाकिस्तानी सैनिकों के शवों को सम्मानपूर्वक दफनाया था, क्योंकि पाकिस्तान ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। यह तथ्य पहले भी विभिन्न सैन्य अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों में सामने आ चुका है।