रायपुर, 30 जुलाई / ETrendingIndia / तमिलनाडु के सलेम जिले में साइबर ठगों ने अंधविश्वास और अफवाह का सहारा लेकर कई महिलाओं को ठगी का शिकार बना दिया। फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर फोन करने वाले ने सिर मुंडवाने पर नकद राशि और अन्य लाभ मिलने का झांसा दिया, जिसके बाद कई महिलाओं ने सिर मुंडवा लिया। बाद में पता चला कि पूरी कहानी एक साइबर धोखाधड़ी थी।
फर्जी तहसीलदार बनकर किया फोन…
कॉल करने वाले ने खुद को अत्तूर तहसील कार्यालय का तहसीलदार बताया और दावा किया कि नई संक्रामक बीमारी बालों के जरिए फैल रही है।
पैसों और लैपटॉप का दिया लालच
फोन पर कहा गया कि सिर मुंडवाने पर महिलाओं को ₹15 हजार, पुरुषों को ₹6 हजार तथा कॉलेज छात्राओं को ₹45 हजार और लैपटॉप दिए जाएंगे।
‘सिर्फ 18 टोकन’ होने का दिया झांसा
ठग ने दावा किया कि गांव के लिए केवल 18 टोकन मिले हैं और पहले सिर मुंडवाने वालों को ही लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
कई महिलाओं ने मुंडवा लिया सिर
अफवाह तेजी से फैलने के बाद कई महिलाओं ने सरकारी योजना समझकर सिर मुंडवा लिया, लेकिन अगले दिन न कोई अधिकारी आया और न ही कोई पैसा मिला।
साइबर ठगी और अफवाह से सावधान…
विशेषज्ञों और पुलिस का कहना है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही सत्यापित करें। किसी भी फोन कॉल, सोशल मीडिया संदेश या लालच भरे दावों पर बिना पुष्टि विश्वास न करें।
सीख क्या है ?
यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी अब अफवाह, अंधविश्वास और सरकारी योजनाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। जागरूकता और तथ्य की जांच ही ऐसे धोखों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
