रायपुर, 01 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन अब आंतरिक राजनीतिक असंतोष का भी सामना कर रहा है। राजधानी कीव में हजारों लोगों ने पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव की बर्खास्तगी के विरोध में प्रदर्शन किया और उनकी पुनर्नियुक्ति की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसके तहत जुलाई में मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान फेडोरोव को पद से हटा दिया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में नागरिक राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और बाद में कीव के ऐतिहासिक क्षेत्र से शहर के प्रमुख मार्ग ख्रेशचातिक तक मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मिखाइलो फेडोरोव ने रूस के साथ जारी युद्ध के दौरान यूक्रेन की सैन्य तकनीक के आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा दी थी। ऐसे में उन्हें पद से हटाया जाना देश के हित में नहीं है।
मिखाइलो फेडोरोव ने इसी वर्ष जनवरी में रक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला था। हालांकि, जुलाई के मध्य में हुए मंत्रिमंडल विस्तार एवं फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया।
सरकार की ओर से इस निर्णय के पीछे कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे राजनीतिक हलकों और आम नागरिकों के बीच कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को इतने महत्वपूर्ण निर्णयों के पीछे की वजह जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल 40 वर्षीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवर ओलेक्सांद्र ने कहा कि सरकार कोई बड़ा फैसला ले और उसके कारण भी न बताए, यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता आवश्यक है और जनता को ऐसे निर्णयों की जानकारी मिलनी चाहिए।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रारंभिक तौर पर कहा था कि फेडोरोव को तत्कालीन सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिरस्की के साथ मतभेदों के कारण हटाया गया।
हालांकि, बढ़ते जनदबाव के बीच एक सप्ताह के भीतर सिरस्की को भी उनके पद से हटा दिया गया। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि फेडोरोव को रक्षा क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के कारण पद से हटाया गया।
सूत्रों के अनुसार, फेडोरोव को सरकार में अन्य जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद से उनकी वापसी की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रूस के साथ जारी युद्ध के इस महत्वपूर्ण दौर में यूक्रेन की सेना को अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार की सबसे अधिक आवश्यकता है।
उनका मानना है कि मिखाइलो फेडोरोव ने रक्षा क्षेत्र के तकनीकी आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया था और उनकी नीतियों से सेना की क्षमता मजबूत हुई थी।
फेडोरोव की बर्खास्तगी ऐसे समय हुई है, जब यूक्रेन रूस के सैन्य और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तेज करने का दावा कर रहा है और युद्ध के मोर्चे पर अपनी स्थिति मजबूत होने की बात कह रहा है।
अब यह देखना होगा कि बढ़ते जनदबाव के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की सरकार अपने फैसले पर कायम रहती है या फेडोरोव की वापसी को लेकर कोई नया निर्णय लेती है।
