रायपुर, 03 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में लंबित पेंशन, महंगाई राहत और अन्य वैधानिक देयों के भुगतान की मांग को लेकर सेवानिवृत्त शिक्षकों का क्रमिक धरना लगातार छठे दिन भी जारी रहा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संघ ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।
छठे दिन भी जारी रहा धरना
सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने लंबित पेंशन, 58% महंगाई राहत और अन्य वैधानिक भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा। प्रोफेसरों का कहना है कि वर्षों से उनके वैधानिक अधिकार लंबित हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
धरने के दौरान यह मुद्दा भी उठाया कि कुलपति मुख्यालय से बाहर हैं और कुलपति का प्रभार किस अधिकारी के पास है, इसे लेकर भी स्पष्टता नहीं है। संघ ने इसे प्रशासनिक शिथिलता बताया।
लेखा नियंत्रक ने दिया कार्रवाई का भरोसा
संघ प्रतिनिधियों की लेखा नियंत्रक से हुई बैठक में आश्वासन दिया गया कि लंबित पेंशन प्रकरण जल्द ऑडिट के लिए भेजे जाएंगे तथा 58% महंगाई राहत का आदेश जारी कराने का प्रयास किया जाएगा।
संघ की दो टूक चेतावनी
संघ अध्यक्ष डॉ. एन. के. चौबे ने कहा कि अब केवल आश्वासन स्वीकार नहीं होंगे। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा।
न्याय की मांग
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने कहा कि वर्षों तक पेंशन और वैधानिक देयों को लंबित रखना उचित नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल निर्णय लेकर सभी लंबित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
