रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी, झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते गिरफ्तार
tudent protests continue in Ranchi
रायपुर, 10 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। इसी बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को जांच एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले राज्य अपराध अन्वेषण विभाग उनसे चार बार पूछताछ कर चुका था। प्रत्येक बार करीब आठ घंटे तक पूछताछ हुई थी। परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों के बाद ख्यांगते ने अपने पद से इस्तीफा दिया था।
छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच इस मामले की जांच अब और तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्र संगठनों का कहना है कि उन्हें राज्य सरकार की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है और वे पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से स्वतंत्र जांच कराने की मांग पर कायम हैं।
विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया था। सुबह करीब 10 बजे छात्र पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा भवन की ओर रवाना हुए। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्थानों पर अवरोधक लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने कई अवरोधक तोड़ दिए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार करने वाली मशीन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद छात्र आगे बढ़ते रहे। जब प्रदर्शनकारी विधानसभा भवन के नजदीक पहुंच गए और अंतिम अवरोधक पार करने का प्रयास करने लगे तो पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
हालांकि, अब तक किसी प्रदर्शनकारी छात्र या पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार बड़े स्तर पर हिंसा नहीं हुई।
रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्र पिछले 17 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। खराब मौसम और बारिश के बावजूद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान पुलिस द्वारा उनका तंबू हटाए जाने के बाद भी छात्रों ने आंदोलन समाप्त नहीं किया।
छात्रों का कहना है कि वे झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा की पूरी और स्वतंत्र केंद्रीय जांच चाहते हैं। इसके साथ ही वे झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
राज्य सरकार की ओर से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की गई है, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली गई हैं।
वहीं, आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि सरकार का यह दावा सही नहीं है। छात्रों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं और जब तक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र संगठनों की सबसे प्रमुख मांग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच पर उन्हें विश्वास नहीं है।
छात्रों का यह भी कहना है कि जिन परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए। साथ ही जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रिया में ऐसे सुधार किए जाएं, जिससे भविष्य में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है। जांच एजेंसी उनसे पहले चार बार लंबी पूछताछ कर चुकी थी। अब गिरफ्तारी के बाद जांच में आगे की कार्रवाई और पूछताछ के जरिए कथित अनियमितताओं की कडिय़ों को जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, छात्रों ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी मात्र से उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। वे परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
