रायपुर, 09 अगस्त 2026/ Honey Trap : सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती कथित तौर पर जासूसी के जाल में बदल गई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और भारतीय वायु सेना की काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट ने करीब चार महीने के गुप्त ऑपरेशन के बाद 44 वर्षीय विंग कमांडर को गिरफ्तार किया है।
उस पर दुश्मन देश के खुफिया हैंडलरों को संवेदनशील सैन्य जानकारी देने का आरोप है।
सोशल मीडिया पर बिछाया हनी ट्रैप
जांच के मुताबिक, आरोपी अधिकारी को सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंसाया गया। इसके बाद उससे सैन्य तैनाती और गोपनीय रक्षा दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी हासिल की गई।
मोबाइल में मालवेयर डालने की कोशिश
जांच में सामने आया कि कथित हैंडलर ने अधिकारी से उसके एक सहकर्मी के मोबाइल में खतरनाक ऐप इंस्टॉल करवाने को कहा। यह ऐप रिमोट एक्सेस मालवेयर की तरह काम कर सकता था और फोन की लोकेशन, कॉल, मैसेज तथा अन्य डेटा तक पहुंच बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।
जनवरी में खुला जासूसी नेटवर्क
दिल्ली पुलिस की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के दौरान जनवरी में एक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस नंबर से भारतीय नंबर पर लगातार एन्क्रिप्टेड बातचीत का पता चला। जांच में भारतीय नंबर के इस्तेमालकर्ता की पहचान सक्रिय IAF विंग कमांडर के रूप में हुई। इसके बाद उसकी डिजिटल और फिजिकल निगरानी शुरू की गई।
Official Secrets Act के तहत केस
जांच में कथित तौर पर पर्याप्त सबूत मिलने के बाद 30 मई को अधिकारी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपा गया। उसके खिलाफ Official Secrets Act (OSA) के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे तिहाड़ जेल भेजा गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मामले में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट
यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया, फर्जी पहचान और मालवेयर का इस्तेमाल कर संवेदनशील संस्थानों के अधिकारियों को निशाना बनाया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां पहले भी सैन्य एवं पुलिस कर्मियों को ऑनलाइन हनी ट्रैप से सावधान रहने की सलाह दे चुकी हैं।
