एशियाई शेरों की दहाड़ हुई और मजबूत, 10 साल में संख्या 70% बढ़ी…
Asiatic lions
भारत में एशियाई शेरों की संख्या 10 साल में 523 से बढ़कर 891 पहुंच गई है। विश्व शेर दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे वन अधिकारियों, संरक्षणवादियों और स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयासों की बड़ी सफलता बताया।
10 साल में 368 शेर बढ़े
वर्ष 2015 में एशियाई शेरों की संख्या 523 थी।
वर्ष 2025 में यह बढ़कर 891 हो गई।
यानी एक दशक में 368 शेरों की बढ़ोतरी हुई।
शेरों का दायरा भी बढ़ा
प्रोजेक्ट लायन के बाद शेरों का क्षेत्र करीब 30,000 वर्ग किमी से बढ़कर 35,000 वर्ग किमी हो गया है। पर्यावास सुधार और वैज्ञानिक निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
संरक्षण में तकनीक और स्थानीय भागीदारी
शेरों के संरक्षण के लिए रोग निगरानी, पशु चिकित्सा सहायता, वैज्ञानिक गणना, तकनीक आधारित निगरानी और जैव-विविधता संरक्षण को मजबूत किया जा रहा है। स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर भी जोर है।
विकास के साथ प्रकृति संरक्षण
केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत ने दिखाया है कि विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
भारत का संकल्प—एशियाई शेरों की दहाड़ आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहे।
