Petrol-Diesel Prices: 6% surge in crude oil sparks a stir...! Will petrol and diesel get costlier now...? Latest rates for major cities, including MP and CG.Petrol Diesel Price
Share This Article

डेस्क रिपोर्ट, 12 अगस्त 2026/ Petrol Diesel Price : अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में एक बार फिर अनिश्चितता बढ़ गई है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि बीते एक सप्ताह में क्रूड ऑयल की कीमतों में 6 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.57 फीसदी की बढ़त के साथ 89.47 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले मंगलवार को भी ब्रेंट में 1.36 फीसदी की तेजी आई थी और यह 88.91 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। वहीं, अमेरिकी WTI फ्यूचर्स 1.3 फीसदी चढ़कर 83.20 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव

क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व का तनाव बताया जा रहा है। दुनिया के प्रमुख तेल आपूर्ति मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रजाई के बयान ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका द्वारा ईरान की शर्तें स्वीकार करने और विदेशों में फंसे उसके फंड को रिलीज किए जाने तक इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अमेरिका-ईरान समझौते पर भी नजर

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। जून में पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच अंतरिम समझौते में मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी, लेकिन बाद में बातचीत पटरी से उतर गई और होर्मुज क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां फिर बढ़ गईं।

हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया संकेतों से एक बार फिर कूटनीतिक समाधान की उम्मीद जगी है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की नजर अब अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर है।

भारत के लिए क्यों बढ़ सकती है परेशानी?

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने का सीधा असर देश के आयात बिल और विदेशी मुद्रा पर पड़ता है। अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक 90 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर रहती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही माल ढुलाई महंगी होने से खाद्य पदार्थों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।

क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

क्रूड ऑयल महंगा होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ेंगे? हालांकि, पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत सिर्फ कच्चे तेल के दाम से तय नहीं होती। इसमें केंद्र की एक्साइज ड्यूटी, राज्यों का VAT, रिफाइनिंग मार्जिन, फ्रेट कॉस्ट और डॉलर-रुपये की विनिमय दर जैसे कई कारक शामिल होते हैं।

अगर क्रूड की कीमतों में तेजी लंबे समय तक जारी रहती है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है और भविष्य में खुदरा कीमतों में बदलाव की संभावना बन सकती है।

MP-CG में पेट्रोल-डीजल के दाम

शहरपेट्रोलडीजल
रायपुर₹108.06/L₹101.60/L
बिलासपुर₹108.64/L₹101.90/L
भोपाल₹114.19/L₹99.33/L
इंदौर₹115.00/L₹100.09/L

देश के प्रमुख शहरों में ईंधन के रेट

शहरपेट्रोलडीजल
दिल्ली₹102.12₹95.20
मुंबई₹111.18₹97.83
कोलकाता₹113.51₹99.82
पटना₹114.55₹100.49
चेन्नई₹107.77₹99.55
नोएडा₹102.12₹97.56
चंडीगढ़₹101.51₹89.47
लखनऊ₹101.89₹95.36
रांची₹105.26₹100.89

बता दें कि, क्रूड ऑयल का 90 डॉलर के करीब पहुंचना भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाला संकेत है। अगर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव लंबा खिंचता है और तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में ईंधन कीमतों के साथ महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।


Share This Article