Share This Article देश की दिग्गज आईटी सर्विस कंपनी एचसीएलटेक ने सोमवार को स्पष्ट किया कि एक हैकर समूह द्वारा कर्मचारियों से जुड़ा डेटा लीक होने के दावों की जांच में अब तक कंपनी के सिस्टम में किसी तरह की सेंधमारी के सबूत नहीं मिले हैं। कंपनी ने कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार न तो उसके आईटी सिस्टम प्रभावित हुए हैं और न ही किसी ग्राहक के प्रोजेक्ट या डेटा पर इसका असर पड़ा है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में एचसीएलटेक ने बताया कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक हैकर ग्रुप के दावे का उल्लेख किया गया था, जिसमें कंपनी के कर्मचारियों से संबंधित कुछ डेटा के संभावित सार्वजनिक होने की बात कही गई थी। इन दावों के बाद कंपनी ने तत्काल जांच शुरू की। कंपनी ने कहा, प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि कथित डेटा सीमित मात्रा में हो सकता है और यह कई वर्ष पुराना प्रतीत होता है। एचसीएलटेक ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक उसे अपने किसी भी सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश या साइबर सुरक्षा उल्लंघन का कोई प्रमाण नहीं मिला है। साथ ही कंपनी के ग्राहकों के साथ चल रही परियोजनाओं या उनके डिजिटल वातावरण पर किसी प्रकार का प्रभाव भी सामने नहीं आया है। कंपनी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और यदि समीक्षा के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है, तो उसे नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप सार्वजनिक किया जाएगा। एचसीएलटेक ने अपने बयान में कहा, साइबर सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और हमें सौंपी गई सूचनाओं की सुरक्षा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में देश की एक अन्य बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को भी इसी तरह के दावों पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था। टीसीएस ने भी कहा था कि उसे अपनी जांच में कंपनी के सिस्टम या ग्राहकों के डिजिटल वातावरण में किसी तरह की सेंधमारी का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला। टीसीएस के अनुसार, जिन सूचनाओं का उल्लेख साइबर खुफिया अलर्ट्स में किया गया था, वे चार वर्ष से अधिक पुरानी थीं और केवल बुनियादी कर्मचारी जानकारी तक सीमित थीं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया था कि ग्राहक डेटा, ग्राहक सिस्टम या कंपनी के परिचालन सिस्टम किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं हुए हैं। टीसीएस ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया था कि कथित हमलावर ने पासवर्ड स्प्रेइंग और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) फटीग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने का दावा किया था। हालांकि जांच में इन दावों की पुष्टि नहीं हुई। इस बीच, एचसीएलटेक के शेयरों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। खबर लिखे जाने के समय कंपनी के शेयर एनएसई पर 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,365 रुपए के स्तर पर कारोबार करते नजर आए। Favorite Share This Article Post navigation “Export Awareness Camp एवं E-Commerce Export Summit” : 13 अगस्त को रायपुर में … पीएम ई-ड्राइव योजना मार्च 2028 तक बढ़ी… इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलेगी 5,000 रुपए तक की सब्सिडी